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कहाँ है सत्यमेव जयते कांग्रेस के रहमोकरम पे ..? |
सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर दूँ कि अपराधी या अपराधियों को बचाने या पैदा करने वाले मेरे ही नहीं पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं चाहे वह कांग्रेस हो या बीजेपी |
अब मैं कांग्रेस के दोगलापण और सीबीआई व सुप्रीमकोर्ट के दुरूपयोग कि बात पे आता हूँ | यह सही है कि सोहराबुद्दीन व उसकी बीबी के हत्यारों को सजा होनी चाहिए | चाहे वह बेशक पुलिस के लिए काम करते हुए अवैध उसूली का धंधा करता था | लेकिन चूँकि उसको अमानवीय तरीके से मारा गया इसलिए मारने बाले गुनेहगार हैं और उनको सजा मिलनी ही चाहिए | इस मामले में सीबीआई और सुप्रीमकोर्ट दोनों कि साख अब दाव पर लगा हुआ है | इसलिए इन दोनों संस्थाओं को पूरी ईमानदारी से काम करते हुए गुनाहगारों को सजा हर हाल में देना चाहिए |
लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल निकल कर आया है कि कांग्रेस कि ऐसी तत्परता से सीबीआई व सुप्रीमकोर्ट का प्रयोग शोहराबुद्दीन कि हत्या से भी बड़े गुनाह के मामले में क्यों नहीं दिखता | कुछ बानगी निम्न प्रकार हैं -
1 -भोपाल गैस कांड का मामला ..?
2 -शहीद चंद्रशेखर कि बिहार सिवान में हत्या..?
3 -रुचिका हत्या का मामला ..?
4 -सतीश सेठी कि पुणे में हत्या ..?
5-अमित जेठवा कि अहमदाबाद में हत्या..?
6-सीतामढ़ी बिहार में इमानदार इंजिनियर कि हत्या ..?
7-शरद पवार जैसे भ्रष्ट मंत्री पर कोई कार्यवाही नहीं जबकि दुनिया जानती है कि वो कितना बरा अपराधी है ,कई सांसदों ने देश के सबसे बड़े अदालत देश के संसद में इस भ्रष्ट मंत्री पड़ कई गंभीर आरोप लगाये हैं ,पता नहीं इसके भ्रष्टाचार से फैली महंगाई ने कितने इंसानों कि जान ली होगी..?
8-संचारमंत्री राजा बाबु पर संगीन व गंभीर आरोप के बाबजूद कोई आरोपपत्र भी नहीं ,जबकि इस मामले में प्रधानमंत्री भी कटघरे में हैं ..?
ये तो सिर्फ बानगी भर है दरअसल ऊपर जिनकी हत्या हुयी वे इमानदार और देशभक्त थे ,जिस मंत्री कि ऊपर चर्चा है उनके दम पर मनमोहन सिंह जी कि सरकार चल रही है ,इसलिए इनके लिए सीबीआई और सुप्रीमकोर्ट का प्रयोग कर त्वरित कार्यवाही कांग्रेस के लिए बेकार का काम होगा और यह तो सभी जानते हैं कि कांग्रेस के नजर में सत्य,न्याय,ईमानदारी व देशभक्ति कि क्या कीमत है | इस पार्टी ने तो पूरी इंसानियत के वजूद पर ही प्रश्नचिंह लगा दिया है |
अब मैं आपलोगों पर छोरता हूँ कि कांग्रेस के इस उतावलेपन को आप क्या कहेंगे |
झा जी आप इसमें एक प्रमुख नाम को शामिल करना भूल गए , वो नाम है बोफोर्स कांड के कुआत्रोकी का , सच में उससे बड़ा उदहारण नहीं हो सकता कांग्रेस के सीबीआई पर डाले गए दबाव का
ReplyDeleteदरअसल इस देश में ये फैशन हो गया है की जिसके खिलाफ कोई सबूत तक ना हो ( जैसे हमारे नरेंद्र मोदी जी ) उसे तो सूली पर लटकाने में पूरा तंत्र लगा दो लेकिन जिसके खिलाफ विडियो टैप और मरने वालों की विधवाएं और परिवार वाले चीख-२ कर गवाही दे रहें हों उन्हें जेल में बिठाकर बिरयानी खिलाओ , उनकी दया याचिका को जितना लेट हो सके करो, उन्हें इस देश के आम आदमी से ज्यादा सुरक्षित करो , सच में शर्मनाक है ये सब
मैं तो चाहूँगा की एक स्वंतत्र agency का गठन किया जाए जो की राजनीतिक दबाव से पूरी तरह से मुक्त हो और हर दोषी के खिलाफ निसंकोच करवाई कर सके ,उसका मुख्या नेताओं द्वारा नहीं बल्कि जनता द्वारा चुना जाना होना चाहिए ,उसके चुनाव के लिए भी एक मतदान करवाया जाए
झा जी आपको इन सब चीज़ों का बहुत अधिक अनुभव और ज्ञान है क्यों नहीं आप ब्लॉग संसद के पटल पर एक ऐसा प्रस्ताव रखते जिसमें ऐसी agency की निर्माण सम्बन्धी रूपरेखा हो
जनता की कमजोरी है जो इस ्बार बार चुनते है, अब चुना है तो उस का फ़ल भी इसी जनता को भुगतना है...
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ReplyDeleteराजनीति मे असलियत के कोई मायने नही है। बस रिवेंज, और अपना उल्लू सीधा करने के सिवाय। अच्छा मसला उठाया है आपने।
ReplyDeletebahut khoob..........
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