Wednesday, April 21, 2010

कविता में ब्लॉग और ब्लोगरों कि चर्चा -------

 मैंने अपने अनुभव और विवेचना के आधार पर,ब्लॉग एक न एक दिन सामानांतर मिडिया का सशक्त ब्रांड के रूप में जरूर उभरेगा इस सोच को कविता  के रूप में उतारा है / आपकी प्रतिक्रिया के अपेक्षा में / विषय है - 

*कविता में ब्लॉग और ब्लोगरों कि चर्चा*

ब्लॉग और ब्लोगर पूरी ताकत से बढ़ रहें हैं /
ब्लोगिंग सामानांतर मीडिया बन खिल रहा है /
बस आर्थिक आधार को खोज रहा है /
ब्लोगरों से प्रतिदिन कम से कम तीन घंटे और 
महीने में दस रुपैया, ब्लॉग के विकाश फंड के लिए,
सभी ब्लोगरों से एकजुट होकर देने कि आशा देख रहा है /
रवीश कुमार जी  ,पुण्य प्रसून बाजपेयी जी ,किशोर अजवानी जी से 
मीडिया के पतन का हल ढूँढने का एक कस्बा बनाने
को कह रहा है /
जिस कस्बे में रचना जी जैसी नारी कि कहानी और 
फिरदौस खान जी  कि फिरदौस डायरी से लिखी जाय ब्लॉग कि जवानी /
कडुवा सच -श्याम कोरी उदय जी के जुवान में और 
पराया देश -राज भाटिया जी के मानवता के अपील में /
जहाँ हो डॉ.टी.एस दराल का दरालनामा कि सार्थक चर्चा 
और नई कलम से लिखी जाती हो उभरते हस्ताक्षर /
जहाँ कुछ भी कभी भी से ब्लोगिंग कि हो रही मजबूती और बिहारी बाबु कहिन से अजय कुमार झा जी को 
मिलती हो ब्लोगरों कि सहानभूति /
जिस कसबे में काजल कुमार जी अपनी कार्टून से लाटरी निकाल कर ब्लोगरों को अलग सपना दिखा रहें हों /
जहाँ बिगुल से ललित कुमार जी ,चर्चा मंच से डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी ,मिसफिट से गिरीश विल्लोरे जी और छोटी गली से चन्दन कुमार जी अच्छी विचारों के साथ ब्लोगरों के वापसी कि खुश खबरी भी सुना रहे हैं /
इसी कस्बे से  रुचिगर सूचनाक मंच के जरिये        
कुमार राधा रमण कंठ जी मिथला और मैथली कि 
सच्ची सेवा कर रहें हैं /
इस कसबे कि देख रेख ब्लोग्वानी और चिट्ठाजगत बड़ी  मुस्तैदी से कर रहें हैं /
इस कस्बे में रहने वाले सभी लोगों को अदालत से लोकेश जी पूरी कानूनी सहायता पहुंचा रहें हैं /
इस कस्बे में समीर लाल जी कि उड़न तस्तरी बहुत 
तेज उड़ रही है तो सुमन जी कि nice टिप्पणियों  से टिप्पणियां छोटी होती जा रही है /
इसी कसबे में भडास ,सांसद जी .कॉम रहते हैं /
इस कसबे के बखान कि चर्चा पावला जी -प्रिंट मीडिया पर ब्लॉग चर्चा के जरिये कर,ब्लोगरों को हौसला पहुंचाते हैं /
और भी कई ब्लोगर लोग इस कसबे में रहते हैं ,जिनका योगदान भी कुछ कम नहीं ,बल्कि उनके प्रयत्न कि इस कसबे को सजाने में आशा ज्यादा है ,कम नहीं  /
आशा है ये कस्बा भारत के जमीर का कस्बा होगा
जहाँ से लोकतंत्र ब्लोगरों द्वारा नियंत्रित होगा /
असल में यह नए युग का सामानांतर मीडिया होगा /
     

ब्लॉग जगत और व्यवस्था पर व्यंग करती कविताओं कि सार्थकता -----?

आज बहुत दिनों बाद आलेख के वजाय कविता का सहारा लेने का सोचा है, इस देश कि सड़ चुकी व्यवस्था का चित्रन करने तथा यह जानने के लिए कि ब्लोगरों कि क्या प्रतिक्रिया आती है,मेरे इस प्रयास पर ?
आज मैंने विषय चुना है इस देश कि शिक्षा नीती ,प्रस्तुत है आपकी सेवा में /

बच्चों 
*इस देश में ^^^^कि शिक्षा*   


पहले विद्वता नीती पड़ भारी थी /
अब विद्वता पड़ नीती भारी है /
पहले शिक्षा से जीवन-यापन होता था /
अब पैसों से शिक्षा प्राप्त कि जाती है /
पहले स्कूल, गाँव - शहर के कोने में होते थे /
अब यह होता है बिल्डर माफिया के ठिकाने पे /
पहले बच्चों पर शिक्षा से विचार भारी होता था /
अब बच्चों पर किताब भारी होता है /
पहले स्कूल में शिक्षा मिलती थी 
अब स्कूलों में शिक्षा बिकती है /
पहले अभिभावकों को स्कूल सकून देता था /
अब अभिभावकों का खून चूस लेता है /
पहले कभी कभार स्कूल में भ्रष्टाचार होता था /
अब भ्रष्टाचार में ही स्कूल फलता -फूलता है /
पहले इंसानियत और मानवता स्कूलों में बसती थी /
अब इंसानियत और मानवता स्कूलों से काँपती है /
पहले बच्चों से देश का भविष्य निर्धारित होता था /
अब स्कूल और देश बच्चों को तय करता है /
पता नहीं आगे क्या होगा /
इस देश का भविष्य ना जाने कैसा होगा ?
जहाँ बच्चों और उसके माता-पिता को रुलाया जाता है /
उस देश का भाग्य हमेशा के लिए बिगड़ जाता है /

Monday, April 19, 2010

आयकर विभाग का नोटिस ,जाँच एजेंसियों का नोटिस ,जाँच आयोग व विभिन्न आयोगों का नोटिस --दिस इज टू मच ! ! ! !


                                              
                             आज हमारे देश में जिस तरह एक औरत के साथ बलात्कार होने पड़ उस औरत के शरीर से ज्यादा उसका दिल और दिमाग इतना टूट जाता है कि  उसका इलाज डोक्टर भी नहीं कर पाता  है / ठीक उसी प्रकार हमारे देश के इमानदार और कानून का पालन करने वाले लोगों का दिल और दिमाग सरकारी बलात्कार से इतना टूट चुका है कि वह गुम-सुम होकर कुछ भी बोलने कि हालत में नहीं है / 
ऐसी अवस्था के बाबजूद जब वह TV और अखवार में आये दिन ह़र भ्रष्टाचार के लिए भ्रष्टाचारियों को आयकर विभाग का नोटिस ,जाँच एजेंसियों का नोटिस ,जाँच आयोग व विभिन्न आयोगों का नोटिस कि ख़बरें पढता है और उसे एक भी जाँच के तर्कसंगत अंत तक पहुँच कर किसी को सख्त सजा कि ख़बरें सुनने को नहीं मिलती है ,तथा अदालतों से निकलते वक्त अपराधियों के कानून को जूते तले मसलने कि जालिम मुस्कान देखने को मिलती  है तो,आम जनता को ठीक वैसा ही महसूस होता है ,जैसे किसी बलात्कार से पीड़ित औरत को न्याय के बदले एक और बलात्कार से गुजरने पर महसूस होता है ,दिस इज टू मच प्रधानमंत्री जी ,बंद कीजिये ये ड्रामा ? 
                      क्या फायदा है ऐसे जाँच एजेंसियों और सरकार का जिसके नाक के नीचे सारे घोटालों को अंजाम दिया जाता है और सारी कि सारी व्यवस्था नोटिस भेजकर जनता को बेबकूफ बनाने में व्यस्त रहती है /
                 प्रधान मंत्री जी आपके नाक के नीचे DTC के बसों के खरीद का घोटाला ,कोमनवेल्थ गेम के नाम पर घोटाला ,DDA और भूमाफिया के गठजोर का घोटाला ,MCD में फर्जी कर्मचारियों का घोटाला और भी ना जाने कितने घोटाले ,CAG के आपत्तियों के बाबजूद आप और आपके सारे जाँच एजेंसियों ने क्या किया ?
                                                           अब तो जनता को न्याय चाहिए जो आपके कठोर फैसले और मानवीय सोच से उपजी संवेदनाओं के आधार पर न्याय के लिए उठाये गए आपके एकदम सटीक कदम से ही संभव है / अगर आप ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं तो बंद कर दीजिये ये जाँच एजेंसियों कि दुकान / आज देश को आधुनिक हथियारों कि नहीं बल्कि कानून और व्यवस्था दोनों क्षेत्र में मजबूत और निड़र निर्णय लेकर उसे सफलता से लागु करने वाले अधिकारियों और सेनानियों कि सख्त जरूरत है ,जिसकी कमी भी नहीं है हमारे देश में / बस जरूरत है उन्हें ढूंढकर सही जगह बैठाने कि /
                     आप माने या ना माने कुछ सुझाव दे रहा हूँ -1 -अपने कार्यालय से ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाईये जिनको भ्रष्टाचार और अपराध के जाँच कि समझ नहीं है या ऐसा करने कि इक्षाशक्ति बिलकुल मर चुकी है / 
2 -मुख्य सूचना आयुक्त ,मुख्य सतर्कता आयुक्त ,RAW,IB,CBI,इत्यादि के मुखिया के पदों पड़ निड़र और न्याय के रास्ते में आने वाले किसी भी तूफ़ान से टकराने का माद्दा रखने वालों को जगह दीजिये और संसाधन मुहैया कराकर प्रतिदिन जाँच कि प्रगति करने को कहिये  / आज दब्बू अधिकारियों से काम नहीं चलने वाला बल्कि जरूरत है ,किरण बेदी जैसे सख्त और इमानदार अधिकारियों को गलत लोगों को सलाखों के पीछे ह़र हाल में भेजने का जिम्मा देने कि और अपराध नियंत्रण कानून को सख्ती से लागू करने कि /
3 -शर्मनाक है कि RTI कानून के तहत आये आवेदनों में  सिर्फ 27 % आवेदक को ही जानकारी मिल पाती है ,तय समय में या झूठि जानकारी मुहैया कराने वाले 98% सूचना अधिकारी को सिर्फ गलती सुधारें कहकर छोड़ दिया जाता है , आपके दिल्ली में ही कानून और व्यवस्था कि धज्जियां उरायी जाती हैं और पुलिस मूक बनी देखती रहती है / आप इस देश के मुखिया हैं ,आप बताईये कि क्या ऐसी स्थिति आपके लिए भी शर्मनाक  नहीं है  ?खासकर तब जब आपकी सरकार पाँच वर्षों से ज्यादा वक्त से शासन में है और आप भी /   

आइये लोकतंत्र को लोकतंत्र बनायें--------

        
ब्लोगर दोस्तों आपका राय बहुमूल्य है और देश हित के मुद्दे पड़ अतिआवश्यक भी इसलिए अभी सोचकर कम से कम 100 शब्दों और ज्यादा शब्दों कि कोई सीमा नहीं है के आधार पर नीचे लिखे पोस्ट के लिंक पर क्लिक कर उस पोस्ट के टिप्पणी बॉक्स में लिखकर दर्ज करें /   
        सभी ब्लोगरों से करबद्ध प्रार्थना है कि इस ब्लॉग को जरूर पढ़ें और अपना बहुमूल्य सुझाव देने का कष्ट करें----- देश के संसद और राज्य के विधानसभाओं के दोनों सदनों में आम जनता के द्वारा प्रश्न काल के लिए साल में दो महीने आरक्षित होना चाहिए --------------
                               सबसे उम्दा टिप्पणियों और सबसे ज्यादा सराहे गए टिप्पणियों पर आप को इनाम के रूप में सम्मानित करने कि भी व्यवस्था है जिसकी रुपरेखा जानने के लिए नीचे लिखे लिंक पर क्लिक कर सकतें हैं /

अब ब्लोगरों को अपने टिप्पणियों और सबसे ज्यादा सराहे गए टिप्पणियों पर ह़र हप्ते मिलेगा इनाम / इनाम कि राशी अकाउंट पेयी चेक द्वारा कुरिअर से उनके घरपर पहुँचाया जायेगा ---------

                        आपका राय व्यक्त करना ना सिर्फ देश  के हितों के मुद्दों पर बैचारिक क्रांति ला सकता है बल्कि ब्लोगिंग को एक सामानांतर मिडिया के रूप में स्थापित भी कर सकता है /अंत में एक बार फिर आपसे गुजारिस कि आपकी राय अमूल्य है , इसे जरूर व्यक्त कीजिये /

Sunday, April 18, 2010

सबसे खतरनाक वायरस-----

                   
          आपने कम्प्यूटर और इंटरनेट के वायरस और उससे निपटने तथा सुरक्षा के उपायों के बारे में सुना होगा / लेकिन आज यहाँ मैं आप लोगों को लोकतंत्र के सबसे खतरनाक  वायरस से मिलवाने और उससे निपटने के उपाय भी सुझाने जा रहा हूँ /
                  इस वायरस का नाम हैं -अवैध प्रतिनिधि या गैरकानूनी कार्य को अंजाम देने वाले कार्यकर्त्ता / ये ऐसा वायरस है जिसकी पहुंच किसी न किसी साईट के जरिये लोकतंत्र के ऊँचे से ऊँचे शिखर पर बैठे लोगों के व्यक्तिगत फाइल और ऑफिस के ह़र नेटवर्क से किसी न किसी डाटा कार्ड के माध्यम से जरूर होता है /
                    इसका IP address hai -bhrastachar.in और इसका html code hai-sarab'bideshi''sex>deshi bidesi->low&gt>bidesi>bold;low>bideshicoin;-indian -slow;//exp-usdollar.go-/tomy-ac.;swiss;bank//:>   आप भूलकर भी इस लोकतंत्र के वायरस के html कोड को अपने घर ,शहर या जिले में आने नहीं दीजिएगा अन्यथा हमारे देश के लोकतंत्र कि तरह ही आपको असीमित क्षति पहुंचाकर not responding--- का सिग्नल लिखित में आपके पते के ऊपर भेजेगा / हमलोगों ने अपने आन्दोलन के जांबाज कार्यकर्ताओं के मेहनत और भगवान कि असीम दया से इस वायरस का सारा बायोडाटा हाशिल किया है ,और इमानदार न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर इसका कोई न कोई एंटी वायरस कि खोज के लिए देश भर के जनता से सहयोग मांग रहें है / हमलोग इस वायरस के चपेट में आये लोगों के पास भी जाकर उनको ज्यादा पॉवर का वेक्सिन का टिका लगाकर उनको इस वायरस से दूर रहने का सलाह देते है / लेकिन कहीं-कहीं हमें वेक्सिन का टिका लगाने में दिक्तों का भी सामना करना पड़ता है और हमारे कार्यकर्त्ता शहीद भी हो जातें हैं लेकिन शहीद करने वालों को हमलोग कानूनी कार्यवाही के जरिये सजा जरूर दिलाते हैं /
               इसका काम यानि क्षति करने का तरीका -यह देशी सत्ता के दलाल टायप और बिदेशी सत्ता के मजबूत ड्रेकुला टायप लोगों के जरिये लोकतंत्र और लोकतंत्र कि रक्षा में लगे सच्चे ,इमानदार ,देशभक्त समाजसेवकों को परेशान करने और उन्हें भ्रष्टाचार में शामिल होने के लिए पहले मजबूर करते हैं और नहीं शामिल होने पर जान से मारने कि धमकी भी देतें हैं / कभी-कभी हिंसक हमला भी करवाते हैं / आजकल ये वायरस हमारे RTI कार्यकर्ताओं को देश भर में निशाना बना रहें हैं /
                                                    इनका पॉवर सप्लाई स्त्रोत - इस वायरस को शक्ति दो नंबर के पैसे से मिलता है ,जो इसे इनके ह़र क्षेत्र के लिंक जैसे उद्योगपतियों को ज़मीन मुहैया कराने के बदले ,छोटे से बड़े उद्योगपतियों को बिजली कनेक्सन ,पोलुसन प्रमाणपत्र जैसे और भी कई प्रमाणपत्रों के बदले,ह़र सरकारी विभाग के जरूरत के सामान के खरीद में ,लोकनिर्माण के ठेकों में तथा जनकल्याण के सभी निर्माण और फर्जी निर्माण से दलाली के जरिये ,इनको पूरे देश से अरबों रुपया मिलता है / लेकिन इनका सबसे बरा स्त्रोत है गरीबों के कल्याण कि सरकारी योजनाओं का पैसा जो इनको भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों और भ्रष्ट IAS व IPS अधिकारियों के सहयोग और बंदरबांट से प्राप्त होता है / इस स्त्रोत के जरिये ये लोकतंत्र को दोहरी मार पहुँचाता है /
                   इस वायरस से देश का ह़र सरकारी महकमा पीड़ित है और अब तो इसने कलयुगी बाबाओं के साईट से खूबसूरत मॉडल टायप वीडियो का सहारा लेकर भ्रष्ट मंत्रियों को होटलों में बुलाकर उनके  जरिये लोकतंत्र पड़ हमला करना शुरू कर दिया है / इस वायरस के चपेट में कुछ भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी इस तरह आ चुके हैं कि वे लोकतंत्र का साईट खोलने के बजाय होटलों में बैठकर इस वायरस के लिंक को बिदेशों में बैठे साईट से जोड़कर लोकतंत्र के रहे-सहे डाटा को भी नष्ट करने पे तुले हुए हैं /  हलांकि इसकी सूचना सुरक्षा चेतावनी के रूप में लोकतंत्र के बचे-खुचे चेतावनी तन्त्र द्वारा लोकतंत्र के मैन सर्भर तक पहुँचाने कि कोशिश कि जाती है ,लेकिन इस वायरस का प्रभाव इतना है कि मैन सर्भर को उचित कार्यवाही करने से भ्रमित कर देता है / अब तो आलम यह है कि लोकतंत्र का बचा-खुचा सुरक्षा तन्त्र भी कमजोर पड़ गया है और सुरक्षा चेतावनी भी भेजना बंद कर दिया है , जिसकी वजह से इस वायरस ने लोकतंत्र के सबसे मजबूत तन्त्र पत्रकारिता और उच्च मध्यम वर्गीय को पूरी तरह खत्म करने पर आमादा है ,गरीबों और निम्न मध्यम वर्गीय को तो ये वायरस कब का तबाह कर खत्म कर चुका है /
                               इसके  पहचान के बारे में चेतावनी - ये वायरस इस भारत के लोकतंत्र के ह़र विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में अपनी पैठ बना चुका है / अनुमान के अनुसार एक विधान सभा क्षेत्र में इनकी संख्या कम से कम दो सौ से एक हजार है,और एक लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक हजार से दस हजार तक है / यह वायरस जिला केंद्र,ब्लोक ऑफिस ,जिला के ह़र बैंक ,ग्राम पंचायत ,स्कूल -कोलेज तथा जिले के माफियाओं के इर्द-गिर्द कमजोर और लाचार लोगों को अपना शिकार लगातार बनाकर पूरे लोकतंत्र को चौपट करने पर तुला है /
                            इसका एंटी वायरस हमलोग जल्द ही तैयार करने वाले है जिसकी सूचना जल्द ही किसी राष्ट्रिय TV न्यूज़ चेंनल पर रोज के आधे घंटे के कार्यक्रम के  प्रसारण के माध्यम से आपलोगों को मिलेगा /                            फ़िलहाल इस कार्यक्रम कि रुपरेखा और फंड कि व्यवस्था को पढने के लिए इस लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं / ये लिंक लोकतंत्र के खतरनाक वायरस से पूरी तरह सुरक्षित है   / http://hprdindia.org/anmol.html      

Saturday, April 17, 2010

भ्रष्टाचार के लिए पैसे के साथ-साथ शराब और शबाब का प्रयोग बेहद खतरनाक है -?


                     प्रधानमंत्री का कुछ दिनों पहले ये बयान आया था कि देश में महंगाई तो बढ़ी है , लेकिन बेरोजगारी को बढने नहीं दिया गया है / लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि देश एक ऐसे दो राहे पर खड़ा है ,जिसके एक तरफ पेट भरने और अपनी शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए पढ़ी लिखी लड़कियां कलयुगी बाबाओं के साथ मिलकर देह व्यापार का सहारा ले रही है ,जिसका ज्यादातर प्रयोग सरकारी संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार कि व्यवस्था से ह़र गलत काम और कागजों में प्रोजेक्ट को पूरा दिखाकर करोड़ों रूपये के गवन के लिए भी किया जा रहा है / वहीँ दूसरी ओर पढ़े लिखे नौजवान सीधे रास्ते पेट न भरता देख ठगी और धोखेवाजी का व्यापार करने वालों के चक्रव्यूह में फ़स  कर अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं /  ये स्थिति देश के लिए ना सिर्फ शर्मनाक है बल्कि देश के आन्तरिक और बाहरी दोनों सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद खरनाक है / ऐसी स्थिति को रोकने के लिए लड़कियों के पढ़ाई को स्नातक स्तर तक सरकारी तथा गैर सरकारी स्कूलों और महाविद्यालयों में निःशुल्क करने के साथ-साथ ईमानदारी भरे इक्छा शक्ति के साथ ह़र गावं में उच्च विद्यालयों कि स्थापना और ह़र ब्लाक स्तर पर महाविद्यालयों कि स्थापना कर उसे ह़र माह समुचित सरकारी सहायता पहुँचाने का देश के प्रधानमंत्री कार्यालय से व्यवस्था कि जाय और उसकी निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय खुद करे और संचालन का भार  उस क्षेत्र के जनता को दे जिस  क्षेत्र में विद्यालय और महाविद्यालय हो / रही लड़कों की बात  तो स्नातक तक की शिक्षा पुड़ी कर  चुके छात्रों को अस्थाई तौर पड़ सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में विशेष भ्रष्टाचार निवारण शोधकर्ता का काम दे और उन्हें देश भर में चल रहे सरकारी कार्यों के निगरानी और उसमे हो रहे  अनियमितताओं तथा घोटालों की जाँच कि प्रगति रिपोर्ट प्रधानमंत्री के वेबसाइट पे ह़र हप्ते डालने को कहा जाय और उसके आधार पर दोषियों के खिलाप कार्यवाही की विवेचना करने व व्यवस्था को सुधारने का सार्थक प्रयास किया जाय / तब जाकर देश और देश के लोगों को थोडा  सकून मिलेगा और भ्रष्टाचार के लिए पैसे के साथ-साथ शराब और शबाब के  खतरनाक प्रयोग पड़ रोक लग सकेगा /

Friday, April 16, 2010

भ्रष्टाचार अब लोगों का पैसा नहीं लूट रहा बल्कि क्या आम और क्या खास सबका खून चूस रहा है ------------ ?

                                                
जिस देश कि गावों में विधवा पेंसन के बदले लाचार और बेवस विधवाओं का भी देह शोषण किया जाता हो,गरीब और लाचार लोगों के कल्याण के विभिन्न योजनाओं का पैसा भ्रष्ट मंत्री,जनप्रतिनिधि और उसके असामाजिक चमचों द्वारा हजम कर लिया जाता हो,ऐसे में क्या जरूरत है इन लूटेरों कि जमात को सरकारी पद,मोटी तनख्वाह और बे हिसाब भत्ता देने कि ? आज क्या आम और क्या खास,ह़र किसी के जेहन में एक ही सवाल है कि -क्या आज इस देश में सरकार और सरकार द्वारा संचालित, कानून द्वारा रक्षित, और समाज द्वारा स्वीकृत व्यवस्था है  ? भ्रष्टाचार अब लोगों का पैसा नहीं लूट रहा बल्कि क्या आम और क्या खास सबका खून चूस रहा है -?
                    आज इस बात पर चर्चा करने कि अति आवश्यकता है कि क्या यही लोकतंत्र है ,जिसे हमने देश भक्तों कि बलिदानी के कीमत के बदले अंग्रेजों से से पाया था और अब अंग्रेजों से भी बदतर और भ्रष्ट लोग इस देश कि ज्यादातर उच्च पदों पड़ बैठकर इस देश कि जनता का खून चूस रहें हैं / कौन पूछेगा ,कौन मांगेगा हिसाब,कौन मांगेगा जवाब ? बस बहुत हो चुका अब तो आम जनता को भड़ी सदन में प्रधान मंत्री,कृषि मंत्री और अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से सवाल कर जवाब मांगने का हक़ चाहिए ही चाहिए ? 
                   यह अधिकार तब मिलेगा जब पूरे देश के इमानदार और देश भक्त लोग इसके लिए एकजुट होंगे और देश में इसके लिए वैचारिक क्रांति फैलायेंगे / इस बिषय पर अपने अमूल्य विचार और सुझाव हमारे इस पोस्ट सभी ब्लोगरों से करबद्ध प्रार्थना है कि इस ब्लॉग को जरूर पढ़ें और अपना बहुमूल्य सुझाव देने का कष्ट करें----- देश के संसद और राज्य के विधानसभाओं के दोनों सदनों में आम जनता के द्वारा प्रश्न काल के लिए साल में दो महीने आरक्षित होना चाहिए --------------के टिप्पणी बॉक्स में अपनी टिप्पणियों  के रूप में दर्ज करें / आप इस पोस्ट पर अपनी टिप्पणी करने के साथ-साथ किसी के उम्दा टिप्पणियों पर टिप्पणी करके उसकी सराहना भी कर सकते हैं / अगर आपकी टिप्पणी उम्दा हुई और उसे सबसे ज्यादा लोगों ने सराहा तो आपको इनाम से सम्मानित भी किया जा सकता है /