Sunday, August 8, 2010

अलविदा दोस्तों.....अब सिर्फ ब्लॉग लिखने की नहीं बल्कि अपने खून से इस देश और समाज के तक़दीर को लिखने की जरूरत है ...?




मैं ऐसे राष्ट्रपति से प्रेरित हूँ जिन्होंने कर्तव्य को निभाने में ईमानदारी अपनाते वक्त अपने बच्चों के भविष्य क़ी भी चिंता नहीं क़ी और भ्रष्टाचार से एक रुपया भी नहीं जमा किया इनको कहते हैं सच्चा लोक सेवक |

अलविदा दोस्तों मैंने शुरुआत की है अपने खून से इस देश और समाज के तक़दीर को लिखने की क्योंकि अब अगर हमने अपने जान की परवाह की तो इंसानियत ही नहीं बचेगी | फिर इस जान की जरूरत ही खत्म हो जाएगी | मैंने ऐसा किसी अभाव में नहीं बल्कि देश में भ्रष्टाचार और बेईमानी के चरम सीमा पे पहुँचने के कारण किया है | इस देश में निगरानी ,सुधार और दोषियों को सजा देने की सारी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है | व्यवस्था पूरी तरह सड़ चुकी है और इसे सड़ाने वाले मंत्री जैसे सम्माननीय पदों पर बैठकर भ्रष्टाचार और बेईमानी को पोषण और संरक्षण दे रहें हैं | मैंने कुछ भ्रष्ट मंत्रियों के नाम देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों को इ.मेल से भेजा है और अगर इनपर कार्यवाही नहीं हुयी तो 08/09/2010 को मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर लूँगा | क्योंकि मुझे जीने का अधिकार है लेकिन ईमानदारी और अच्छाई से अगर मेरे इस अधिकार का हनन ज्यादातर देश के मंत्री ही कर रहें हों तो जीने का कोई अर्थ नहीं रह जाता है | मैंने इस देश के लाखों लोगों के दुखों का अध्ययन किया है और पाया है की उनके दुखों का कारण सिर्फ और सिर्फ ये भ्रष्ट मंत्री और इनके द्वारा दोषियों को सजा देने की व्यवस्था को खत्म कर देना ही प्रमुख कारण है  | अतः इनके खिलाप हर-हाल में कार्यवाही को मैंने अपने जान से भी जोड़ दिया है ,आप सब से भी आग्रह है की आप मेरे इस नेक काम में मेरा हौसला बढ़ाने का प्रयास करें और हो सके तो अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मुझ जैसा ही कदम उठायें | आपके द्वारा उठाये गये निडरता भरे क़दमों से भी कम से कम प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को कुछ ईमानदारी भरा करने की प्रेरणा मिले |

आज मैंने 03:16 मिनट दोपहर में निम्नलिखित इ.मेल के पते पर भारत के राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति को इ.मेल किया है वह आप लोगों के लिए भी यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ ...












topresidentofindia@rb.nic.in,
pmosb@pmo.nic.in,
vpindia@sansad.nic.in

आदरणीय राष्ट्रपति महोदया,प्रधानमंत्री महोदय तथा उपराष्ट्रपति महोदय
सादर नमस्कार ,

विषय-अगर आप लोगों ने इमानदार संसद सदस्यों,समाज सेवकों और इमानदार IAS , IPS और IRS  के संयुक्त जाँच समिति द्वारा इन निम्नलिखित मंत्रियों के भ्रष्टाचार की जाँच नहीं करायी तो मैं यह मान लूँगा की इस देश में ईमानदारी और सत्यमेव जयते के लिए कोई जगह नहीं बचा है....अतः मैं यह भी मान लूँगा की मुझे मिले सच्चाई और ईमानदारी से जीने के अधिकार को इन मंत्रियों के शर्मनाक भ्रष्टाचार ने बाधित किया है और मुझे तथा मुझ जैसे अन्य लोगों को भ्रष्टाचार और बेईमानी को अपनाने के लिए विवश भी करने का प्रयास किया है | लेकिन मैं एक ऐसा इंसान हूँ जो किसी भी काम को करने के बाद उसकी जाँच देश के सभी  इमानदार नागरिकों से कराने को तो तैयार हूँ लेकिन भ्रष्टाचार और बेईमानी के सहारे अपने और ना ही अपने बच्चों के जीवन के रक्षा को किसी भी हाल में तैयार नहीं हूँ | अतः अगर आप लोगों ने इन आरोपित मंत्रियों के विभागों में इनके द्वारा किये गये भ्रष्टाचार की न्यायसंगत और तर्कसंगत आधार पर ईमानदारी से जाँच कराकर इनको सजा नहीं दिया तो मैं आज से ठीक तीस दिनों बाद अपनी जीवन लीला समाप्त कर लूँगा | इनके द्वारा लूटा जा रहा पैसा इनका नहीं है बल्कि उस गरीब का भी है जो एक माचिस की खरीद पर पाँच पैसे के टेक्स के रूप में सरकारी खजाने को देता है | मेरे इस आग्रह पर अगर आपने अपने पद की परवाह किये वगैर ईमानदारी से कार्यवाही किया तो आप एक इमानदार इंसान की जान बचाने के साथ-साथ इस देश और समाज को भी बचाने का प्रयास करेंगे |

महोदय एवम महोदया ,


मैं एक बेहद इमानदार और अपने इंसान होने के सभी कर्तव्यों को अपने जान की परवाह किये वगैर निर्वाह करने वाला व्यक्ति हूँ | मेरे इस कथन की सत्यता के लिए कोई भी व्यक्ति मेरे कार्यों और मेरे व्यवहार की जाँच कभी भी कर सकता है | मैंने हमेशा कोशिस की है  हर व्यक्ति को इंसान बनाने की | लेकिन आज देश के कुछ मंत्री भ्रष्टाचार और बेईमानी का इतना नंगा खेल खेल रहें हैं की इंसानियत को  जिन्दा रखना मुश्किल हो गया है तथा इन मंत्रियों ने ना सिर्फ अपने पदों का दुरूपयोग किया है बल्कि लोगों को भ्रष्ट और बेईमान बनाने के साथ-साथ देश में निगरानी ,सुधार और दोषियों को सजा देने की प्रक्रिया को भी अपने प्रभाव से खत्म करने का जघन्य अपराध किया है | ये सिर्फ भ्रष्टाचारी ही नहीं बल्कि हैवान हैं और इनके कुकर्मों की सजा के लिए इनकी ब्रेनमेपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराकर इनके कुकर्मों की जाँच कर इनको सरेआम फांसी की सजा दी जाय | अगर मेरे आरोप इनकी ब्रेनमेपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट जो की इमानदार समाज सेवकों और इस देश के इमानदार जजों के सामने कराया जाय के बाद झूठा साबित हो तो मुझे सरेआम फांसी पर चढ़ा दिया जाय | इसके लिए मैं शपथ -पत्र भी लिख रहा हूँ  |

                            
                     शपथ-पत्र
मैं जय कुमार झा,पिता-स्वर्गीय श्याम सुन्दर झा ,निवासी -वर्तमान पता -127 ,DDA ,HIG ,SECTOR A -5 ,पॉकेट -13 ,नरेला,दिल्ली-40 ,स्थायी पता-AT.+PO . -श्रीखंडी -भिट्ठा ,भाया-सुरसंड,जिला-सीतामढ़ी,(बिहार),मोब-09810752301 ,अपने पूरे होशो हवास और अच्छी सोच के अनुसार सोचकर निम्नलिखित मंत्रियों को अपराधी,घोरभ्रष्टाचारी और इंसानियत का दुश्मन कह रहा हूँ | अगर मेरे आरोपों  की इमानदार समाजसेवकों तथा जजों के सामने  इन मंत्रियों के ब्रेनमेपिंग व लाई डिटेक्टर टेस्ट के बाद भी सत्यता प्रमाणित नहीं हुयी तो मैं ख़ुशी-ख़ुशी फांसी पर चढ़ जाऊंगा | मुझे दुःख के साथ-साथ शर्म भी महसूस हो रहा है की ऐसे लोग हमारे देश के मंत्री पद को बदनाम करते हुए हमारे देश के मंत्री पद पर विराजमान हैं | इन मंत्रियों के वजह से पूरे देश में भ्रष्टाचार को बढ़ने में प्रेरणा मिली है | मैं किसी पार्टी से नहीं जुड़ा हूँ और ना ही जुड़ने की इक्षा है | मैं सामाजिक आंदोलनों और पारदर्शिता के लिए लड़ाई तथा भ्रष्टाचार के खिलाप लड़ाई के सभी आंदोलनों से जुड़ा हुआ हूँ तथा मेरी हार्दिक इक्षा है की सामाजिक जाँच हर सरकारी खर्चों और घोटालों के जाँच के लिए आवश्यक हो | इन मंत्रियों को तुरंत पदों से तब तक के लिए हटा दिया जाय जब तक इनके खिलाप जाँच पूरी ना हो जाय  | मेरे द्वारा आरोपित मंत्री हैं ---

1 -शरद पवार (कृषि मंत्री)
2 -शिला दीक्षित (मुख्यमंत्री दिल्ली)
3 -अरविंदर सिंह लवली(परिवहन व शिक्षा मंत्री दिल्ली)
4 -राज कुमार चौहान(मंत्री PWD दिल्ली)
5 - एस. जयपाल रेड्डी ( शहरी विकाश मंत्री )

इन सभी मंत्रियों के विभागों में शर्मनाक भ्रष्टाचार और आम नागरिकों के प्रति आपराधिक स्तर की असम्बेदंशिलता है और सबसे गंभीर बात यह है की इन मंत्रियों द्वारा भ्रष्टाचार को  पोषण और संरक्षण दिया जा रहा है |

आशा है आपलोग पदों से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर उपर्युक्त मंत्रियों को पदों से हटाकर उनके खिलाप ईमानदारी भरा जाँच करवाकर उनको उनके पदों के दुरूपयोग तथा आपराधिक स्तर के भ्रष्टाचार की सजा जरूर देंगे | अन्यथा यह मेरा अंतिम आग्रह तो होगा ही |

सत्यमेव जयते ,ईमानदारी और देशभक्ति की रक्षा तब की जा सकती है जब पद और जान की परवाह ना की जाय ,हमने शुरुआत की है आगे देखतें हैं लोग क्या करतें हैं ...आप लोगों का सार्थक जवाब व ईमानदारी भरी कार्यवाही इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है |

                 आशा है आप लोग कुशल होंगे ,आपका -जय कुमार झा
                     दिनांक-08 /08 /2010 ,नरेला,दिल्ली 

अंत में मैं आप सभी ब्लोगरों से बताना चाहूँगा की अगर राष्ट्रपति,उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा भी कुछ नहीं किया जाता है भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था को रोकने के लिए तो मुझे जीने की कोई इक्षा नहीं रह जाएगी और 08/09 /2010 को भ्रष्टाचार के खिलाप मेरी मौत का जिम्मेवार इन तीनो पदों पर बैठे व्यक्ति ही होंगे | मैं अगर जिन्दा ना भी रहा लेकिन मेरी मौत इस देश में भ्रष्टाचार के खिलाप आन्दोलन को एक अंतिम लड़ाई तक पहुंचा सका तो मैं अपने मौत को सार्थक समझूंगा |

Sunday, July 25, 2010

इंसानियत कि पाठशाला व संस्थान कि आज इस देश को सख्त जरूरत है ....क्या आप खोलना चाहेंगे ऐसी पाठशाला....?

एक सच्चा इंसान और इस महान देश के महान राष्ट्रपति ,जिन्होंने भ्रष्टाचार के पैसों को कोई अहमियत ना देकर देश व समाज कि ईमानदारी भरी सेवा को अहमियत दी | राष्ट्रपति का पद ऐसे व्यक्तियों से गरिमामय हुआ ,आज ऐसे व्यक्तियों से प्रेरणा लेने कि जरूरत है देश के सभी उच्च संबैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को |

आज देश के सभी जिलों और गांवों में यहाँ तक कि देश के राजधानी दिल्ली में भी ऐसी ही दर्दनाक अवस्था है इंसान कि | पूरे देश और इंसानियत के लिए शर्मनाक है ऐसी अवस्था |

देश में सभी जनकल्याणकारी  व गरीबों के उत्थान क़ी नीतियों का यही हाल है | देश के प्रधानमंत्री योजना आयोग के अध्यक्ष हैं लेकिन ईमानदारी से देश के ह़र जिलों के विकाश का एक बार भी सामाजिक जाँच करवाने क़ी उन्होंने कभी कोशिस नहीं है | बिना सामाजिक जाँच के विकाश सिर्फ एक ढोंग और भ्रष्टाचार का रूप बनकर रह गया है | ह़र सरकारी कार्यों क़ी  सामाजिक जाँच जब तक जरूरी नहीं बनाया जायेगा और इसके लिए सच्चे,अच्छे,इमानदार व देश भक्तों को साधन व संसाधन मुहैया नहीं कराया जायेगा तब तक इस देश का सच्चा विकाश नहीं होगा |

सभी मानवीय सहायता व कल्याण के धन पर देश के लोभी-लालची लोगों का पूरी तरह कब्ज़ा है | इमानदार व कर्मठ लोगों को कोई भी सहायता बिना रिश्वत के नहीं मिलती जिससे देश के असल नागरिकों का जीवन स्तर बद से बदतर होता जा रहा है , जब क़ी भ्रष्ट अधिकारी,जनप्रतिनिधि  व गरीबों का खून चूसने वाले दलालों का गठजोर पूरे धन का उपयोग कर एय्यासी कर रहें हैं | इस देश में सरकार व सरकारी व्यवस्था एक प्रश्न चिन्ह बनकर रह गयी है |
तिरंगा अब भ्रष्टाचार और उच्च संबैधानिक पदों पर बैठे निकम्मे लोगों क़ी वजह से खून के आंसू रो रहा है | पूरा गणतंत्र खतरे में है तथा पूरी व्यवस्था सड़ चुकी है |




हमारे देश और समाज कि अवस्था बेहद दर्दनाक व भयानक होती जा रही है | सामाजिक परिवेश इस तरह दूषित हो चुका है कि ह़र कोई विश्वास का गला घोंटकर अपना स्वार्थ साधने को अपनी काबिलियत व योग्यता समझने लगा है | लानत है ऐसे काबिल और योग्य लोगों पर जो इंसानियत का क,ख,ग  भी नहीं जानते | सबसे बड़े मुर्ख है वे लोग जो बन तो गए हैं IAS ,IPS ,IRS ,इंजिनियर,डॉक्टर,प्राचार्य,मंत्री विधायक और भी ना जाने कौन-कौन सी उच्च पदों पर बैठ गये हैं लेकिन उनमे मानवता और इंसानियत नहीं होने से ऐसे लोग ना सिर्फ इन सामाजिक व मानवीय कल्याण के पदों को बदनाम कर रहें है बल्कि इनके कुकर्मों से नित्य इंसानियत शर्मसार होती है | ऐसी अवस्था पूरे मनुष्य जाती के लिए बेहद खतरनाक है |

इन सारी बातों को देखते हुए आज जरूरत है हर शहर में इंसानियत के पाठशाला और संस्थानों कि जो सच्ची इंसानियत कि पाठ पढ़ाने का दुष्कर कार्य को अंजाम दे सके ,क्या आप खोलना चाहते हैं ऐसी  पाठशाला व संस्थान ..? 

मैंने तो सोच लिया है ऐसा एक पाठशाला या संस्थान चलाने कि इसमें हमें सरकारी सहायता कि आशा तो नहीं है लेकिन सच्चे और इमानदार इन्सान के हार्दिक सहयोग कि मुझे पूरी आशा है | 

इस पाठशाला या संस्थान में क्या-क्या मिलेगा और उसके आर्थिक आधार क्या होंगे तथा यह कैसे काम करेगा .....

इस पाठशाला या संस्थान के कार्य ....

1 -सबसे पहले देश के हर जिले के DM और SP से मिलकर उनको इंसानियत के लिए ईमानदारी से काम करने को प्रेरित करेगा और उनको समझायेगा कि आप जो ये भ्रष्टाचार के जरिये दौलत जमा कर रहें है उसके बाद भी  अगर आपका बच्चा एक इन्सान नहीं बन पाया तो वह आपके और समाज के साथ क्या-क्या करेगा उसकी आपने कल्पना कि है  ? ऐसे ही कुछ प्रश्नों के सवाल जवाब से इन दोनों ,देश व समाज के विकाश के अति महत्वपूर्ण पदों पर बैठे व्यक्तियों को सच्चा इन्सान बनाने व इंसानियत को जिन्दा करने के लिए आगे आने को प्रेरित करने का प्रयास करेगा | अगर इस काम में 25% भी सफलता हाथ लगी तो यकीन मानिये इस देश व समाज का बहुत भला होगा | जन-जन को यह भी महसूस कराने कि जरूरत है कि अब अंग्रेजों का शासन नहीं है इसलिए DM और SP को अपना सेवक समझ कर उसे सेवा करने में  इमानदारी बरतने का एकजुट होकर आदेश दें और उनके कार्यों कि निगरानी भी करें |

2 - हर शहर व गांवों में इंसानियत के पाठशाला व संस्थान के माध्यम से सभा का आयोजन कर लोगों को यह सिखाने कि कोशिस कि जाएगी कि अगर आपको किसी ने लूटा और ठगा है या रिश्वत ली है तो आप उसकी भरपाई किसी को लूटकर,ठगकर या भ्रष्टाचार को अपनाकर नहीं बल्कि उस लूटेरे ,ठग व भ्रष्टाचारियों को अपनी जान कि बाजी लगाकर पकड़ें और उसे सामाजिक व न्यायिक सजा दें या दिलाने के लिए एकजुट हों | इस काम के लिए लोगों को समझाना होगा कि इस काम में अगर आपकी जान चली जाती है तो आपको शहीद का दर्जा देकर आपके पैत्रिक गांव में आपकी एक मूर्ति कि स्थापना कि जाएगी | ऐसा करने से लोगों में बुराई के खिलाप लड़ने के जज्बों को ना सिर्फ सम्मान मिलेगा बल्कि उसमे अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होगी | बिना निडरता के कोई भी अच्छा व सच्चा काम किया ही नहीं जा सकता | कास इस तरह का काम सरकार या सरकारी एजेंसियां ईमानदारी से 62 वर्षों से करती तो इस देश व समाज को पूरे विश्व में आदर्श  माना जाता | 

आज लोगों को यह समझाना  बहुत जरूरी है कि किसी को ठगकर ,भ्रष्टाचार को अपनाकर,किसी इंसानियत को शर्मसार करने वाले धंधे को करके  या किसी के साथ विश्वासघात करके जीना तो मरने से भी बदतर है | इंसानियत को जिन्दा करके तथा उसकी सुरक्षा करके ही हमसब सुरक्षित रह सकते हैं |

3 -देश के सभी महाविद्यालयों में जाकर छात्र और छात्राओं को इसके लिए प्रेरित करना कि आप इस देश,समाज और इंसानियत के भविष्य हैं इसलिए आप निडर होकर सबसे पहले इस देश और इस देश के गरीबों का खून चूसने वाले भ्रष्ट लोगों के खिलाप लड़ाई को एकजुट होकर प्रतिदिन कम से कम तिन घंटे जरूर दें यह लड़ाई एकजुट होकर RTI दायर करना ,प्रशासन को कार्य कि गुणवत्ता को बनाये रखने में जमीनी स्तर पे सहयोग व सुझाव देना,प्रशासन को जनकल्याणकारी योजनाओं को असल जरूरतमंद लोगों तक बिना किसी रिश्वत के पहुँचाने के लिए बाध्य करना ,जिले के न्यायिक अधिकारियों को जिले में फैले भ्रष्टाचार व अनियमितता को जनहित में अवगत कराकर उसपर दोषियों के खिलाप न्यायसंगत व तर्कसंगत कार्यवाही का आग्रह करना इत्यादि के साथ हर आम और खास को अपनी नागरिक जिम्मेवारियों को निभाने तथा सामाजिक जाँच कर व्यवस्था को सही करने के लिए शिकायत व सुझाव प्रतिदिन लिखने व उसपर प्रशासन कि कार्यवाही का जवाब भी हर हाल में मांगने  के लिए सुरक्षा व सहायता चक्र बनाना जिससे ऐसा करते हुए कोई असहाय और असुरक्षित ना महसूस करें |  असल में शिक्षा का मूल उद्देश्य यही होना चाहिए इससे अच्छे चरित्र का भी निर्माण होगा |
4 - घर-घर जाकर लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करना और समझाने का प्रयास करना कि लोभ-लालच सारी बुराइयों का मूल है इसलिए अपनी जरूरत से ज्यादा धन को जमा करना अपने सात पुश्तों के लिए सुख नहीं बल्कि दुखों को जमा करने के सामान है | क्योंकि ज्यादा धन बिना बेईमानी व इनसानियत को धोखा दिए कमाया नहीं जा सकता और धोखे से कमाए गये धन से पल बढ़ रहे बच्चों में सदबुद्धि आ ही नहीं सकती और कुबुद्धि तो इन्सान के स्वयं  का सर्वनाश कर देता है तो सात पुश्तों कि खुशियों कि उम्मीद करना मुर्खता है | इसलिए हर व्यक्ति को अपनी जरूरत से ज्यादा धन को गरीबों व असल जरूरतमंदों में बाँट देना चाहिए ऐसा करके ही हम इस देश और समाज को इंसानों के रहने लायक बना सकतें है तथा अपने सात पुश्तों के लिए सुख और खुशियों के  संसार का निर्माण कर सकतें हैं | 

इन पाठशाला या संस्थानों के आर्थिक आधार के लिए सरकारी धन को लूटने वालों से सरकार को जो धन वापिस मिलेगा इन पाठशाला या संस्थानों के कार्यों व प्रयासों के चलते उसका कुछ हिस्सा हम सरकार से मांगने का प्रयास करेंगे | वैसे ह़र गांव व शहर के लोग चाहें तो एकजुट होकर इसके लिए आर्थिक आधार बना सकते हैं क्योंकि ऐसा करने से उनके द्वारा रिश्वत व दौर-भाग पे जो खर्च आता है वो बचेगा तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार होने से भी उनका पैसा बचेगा जिसका कुछ हिस्सा अगर सबलोग स्वेच्क्षा से देने को ह़र महीने तैयार हों तो ह़र गांव और शहर में ऐसे पाठशाला या संस्थान को खोलकर इंसानियत क़ी पाठ को पढ़ाने क़ी शुरुआत क़ी जा सकती है | सिर्फ जरूरत है ह़र गांव और शहर में एक इमानदार व्यक्ति द्वारा पहल करने क़ी ,आप अगर चाहेंगे तो हम आपकी सहायता के लिए आपके गांव और शहर अपने खर्चे पे आकर आपको सहायता भी देंगे और आपके जिले के DM और SP से भी आपके इस नेक काम में सहयोग का आग्रह भी करेंगे | हम देश भर में अच्छा और सच्चा काम कर रहे लोगों को सम्मानित करने के लिए आधे घंटे के एक टीवी प्रोग्राम बनाने पर भी विचार कर रहें हैं |


(नोट-उपर्युक्त सभी कार्टून और फोटो गूगल और CARTOONSTOCK.COM से जनहित में साभार प्रकाशित है ,किसी को ऐतराज हो तो हटा दिया जायेगा)

Saturday, July 24, 2010

शर्मनाक है कांग्रेस का ये उतावलापन व CBI तथा सुप्रीम कोर्ट का दुरूपयोग ....

कहाँ है सत्यमेव जयते कांग्रेस के रहमोकरम पे ..?

सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर दूँ कि अपराधी या अपराधियों को बचाने या पैदा करने वाले मेरे ही नहीं पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं चाहे वह कांग्रेस हो या बीजेपी |

अब मैं कांग्रेस के दोगलापण और सीबीआई व सुप्रीमकोर्ट के दुरूपयोग कि बात पे आता हूँ | यह सही है कि सोहराबुद्दीन व उसकी बीबी के हत्यारों को सजा होनी चाहिए  | चाहे वह बेशक पुलिस के लिए काम करते हुए अवैध उसूली का धंधा करता था | लेकिन चूँकि उसको अमानवीय तरीके से मारा गया इसलिए मारने बाले गुनेहगार हैं और उनको सजा मिलनी ही चाहिए | इस मामले में सीबीआई और सुप्रीमकोर्ट दोनों कि साख अब दाव पर लगा हुआ है | इसलिए इन दोनों संस्थाओं को पूरी ईमानदारी से काम करते हुए गुनाहगारों को सजा हर हाल में देना चाहिए |

लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल निकल कर आया है कि कांग्रेस कि ऐसी तत्परता से सीबीआई व सुप्रीमकोर्ट का प्रयोग शोहराबुद्दीन कि हत्या से भी बड़े गुनाह के मामले में क्यों नहीं दिखता | कुछ बानगी निम्न प्रकार हैं -

1 -भोपाल गैस कांड का मामला ..?
2 -शहीद चंद्रशेखर कि बिहार सिवान में हत्या..?
3 -रुचिका हत्या का मामला ..?
4 -सतीश सेठी कि पुणे में हत्या ..?
5-अमित जेठवा कि अहमदाबाद में हत्या..?
6-सीतामढ़ी बिहार में इमानदार इंजिनियर कि हत्या ..?
7-शरद पवार जैसे भ्रष्ट मंत्री पर कोई कार्यवाही नहीं जबकि दुनिया जानती है कि वो कितना बरा अपराधी है ,कई सांसदों ने देश के सबसे बड़े अदालत देश के संसद में इस भ्रष्ट मंत्री पड़ कई गंभीर आरोप लगाये हैं ,पता नहीं इसके भ्रष्टाचार से फैली महंगाई ने कितने इंसानों कि जान ली होगी..?
8-संचारमंत्री राजा बाबु पर संगीन व गंभीर आरोप के बाबजूद कोई आरोपपत्र भी नहीं ,जबकि इस मामले में प्रधानमंत्री भी कटघरे में हैं ..? 

ये तो सिर्फ बानगी भर है दरअसल ऊपर जिनकी हत्या हुयी वे इमानदार और देशभक्त थे ,जिस मंत्री कि ऊपर चर्चा है उनके दम पर मनमोहन सिंह जी कि सरकार चल  रही है ,इसलिए इनके लिए सीबीआई और सुप्रीमकोर्ट का प्रयोग कर त्वरित कार्यवाही कांग्रेस के लिए बेकार का काम होगा और  यह तो सभी जानते हैं कि कांग्रेस के नजर में सत्य,न्याय,ईमानदारी व देशभक्ति कि क्या कीमत है | इस पार्टी ने तो पूरी इंसानियत के वजूद पर ही प्रश्नचिंह लगा दिया है |

अब मैं आपलोगों पर छोरता हूँ कि कांग्रेस के इस उतावलेपन को आप क्या कहेंगे |  



Friday, July 23, 2010

क्या हमारे देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति पद पर बैठे व्यक्ति उस पद कि गरिमा के अनुकूल हैं.....?


एक वीर शहीद जिनका आज जन्मदिन भी है ने देश के लिए अपने जान कि भी परवाह नहीं कि ,आज लोग सत्य,न्याय,देशभक्ति व ईमानदारी के लिए पदों का मोह त्यागने तक को तैयार नहीं ,क्या होगा इस देश और समाज का ?

कहते है कि राजा ऐसा होता है या होना चाहिए जिसे अपने जनता के दुखों  कि ह़र पल कि जानकारी हो और जिसे दूर करने के लिए उसे अपने स्वार्थ व सुविधा कि परवाह किये वगैर ह़र पल ईमानदारी से प्रयास करना चाहिए | इस देश का इतिहास कहता है कि यहाँ ऐसे भी जिन्दा जमीर वाले राजा हुए जिन्होंने अपने जनता के दुखों को सही मायने में जानने के लिए वेश बदलकर जनता के बीच कई दिनों तक रहकर उनके दुखों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के लापरवाही व अन्याय का पता लगाया और उसके ऊपर ईमानदारी से कार्यवाही करते हुए दोषियों को न्यायसंगत सजा दी और वर्षों तक एक न्यायसंगत व तर्कसंगत शासन को चलाया जिससे हमारा देश कभी सोने कि चिड़िया कहा जाता था और एक उच्च सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था के लिए पूरे विश्व में जाना जाता था |

अगर हम इन स्वर्ण युगों का अध्ययन करें तो पायेंगे कि , उस समय  के राजा बेहद चरित्रवान,निःस्वार्थी,न्यायप्रिय व परोपकारी हुआ करते थे और इसी वजह से जनता,देश व समाज इतना खुशहाल था | उस वक्त के राजाओं के जमीर व अंतरात्मा जिन्दा हुआ करता था जो इंसानी उसूलों को अपने राजपाट,फायदे और नुकसान से ज्यादा तरजीह देता था | आज भी अगर देखा जाय तो किसी व्यक्ति कि गारंटी क्या है ? जवाब होगा उस व्यक्ति का जिन्दा जमीर और सच्चा इंसान होना ही उसकी गारंटी है |

कोई भी पद एक शक्ति मात्र है जैसे इंसान का दिमाग या उसकी बुद्धि एक शक्ति है और उसका सदुपयोग व दुरूपयोग दोनों उस व्यक्ति पर निर्भर करता है | उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों के व्यवहार व आचरण का प्रभाव जनसाधारण पर अवश्य परता है | जब जन साधारण यह देखता है कि हमारे देश के उच्च पदों पर बैठा व्यक्ति ही तिकरम व भ्रष्टाचार के सहारे अपने स्वार्थसिद्धि को प्राथमिकता दे रहा है और जनता के कल्याण को प्राथमिकता देने के वजाय अपने भ्रष्ट सहयोगियों के कल्याण को प्राथमिकता दे रहा है तो ऐसी अवस्था में जनसाधारण का व्यवहार भी वैसा ही होने लगता है और आज हमारे देश कि अवस्था ठीक इसी प्रकार कि है |

आज जरूरत है कि हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अपने पदों के शक्ति व मर्यादाओं के अनुकूल आचरण करते हुए भ्रष्ट मंत्रियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें ,सत्य,न्याय कि रक्षा नहीं करने वाले अधिकारियों को ह़र-हाल में सजा देने का प्रबंध करें ,देश में किसी भी इमानदार ,देशभक्त व सच्चे इंसान को कोई तकलीफ ना हो इसका ह़र हाल में प्रबंध करे | इसके लिए जरूरत हो तो इन दोनों पदों पर बैठे व्यक्तियों को देश के ह़र गांवों में महीने के बीस दिन तब तक बिताने चाहिए जबतक आम लोगों कि समस्याओं का ईमानदारी से पता ना लगाकर उनका समाधान ना कर लिया जाय | 

सही मायने में इन पदों कि महत्ता तब बढ़ेगी जब लोग इन पदों पर बैठे व्यक्ति के व्यवहार और आचरण को देखकर श्रधा से सम्मान के लिए सर झुकायेंगे ना कि इनके डर से इनको कुछ भी बोलने से परहेज करेंगे और मन ही मन इनको जी भरकर कोसेंगे | आज देखा जाय तो यही हो रहा है क्योंकि संसद में कई सांसदों के गम्भीर आरोपों और सारे सबूतों के रहते हुए भी हमारे देश के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति सिर्फ और सिर्फ अपने पद कि लालच कि वजह से शरद पावर व अन्य भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाप कोई भी कार्यवाही नहीं कर पा रहें हैं जो ना सिर्फ देश व समाज बल्कि पूरे इंसानियत के लिए खतरे कि घंटी है | सर्वोच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों के ऐसे व्यवहार से इन पदों कि गरिमा व छवि भी आम लोगों में बेहद खराब हो रही है तथा देश कि पूरी कि पूरी पुलिस,प्रशासनिक व न्यायिक व्यवस्था सड़कर दुर्गन्ध दे रही है |

सभी ब्लोगरों से आग्रह है कि आप सब भी इस मुद्दे पर पूरी ईमानदारी से और निड़र होकर अपनी राय रखें जिससे एक बदलाव कि शुरुआत कि पहल हो |   

Monday, July 19, 2010

सभी ब्लोगरों से आग्रह अपने एक दिन कि कमाई इस देशभक्त आजाद पुलिस को दान में जरूर दें .....

हमने WWW.HPRDINDIA.ORG के तरफ से आजाद पुलिस उर्फ़ ब्रह्मपाल प्रजापति के देशभक्ति से भरे सामाजिक कार्यो कि जाँच करने के बाद उनके सम्मान में एक सम्मान पत्र जारी किया और 500/रूपये का छोटा सा नगद इनाम भी उन्हें दिया | पहली बार किसी सम्मान व इंसानी सम्बेदनाओं का इनाम पाकर ब्रह्मपाल प्रजापति को खुस देखकर मैं और पदमसिंह जी दोनों को लगा कि हमलोगों का प्रयास सफल हो गया | आप सभी से भी आग्रह है कि आपके शहर,गांव,मुहहले में भी अगर इस तरह का कोई सच्चा ब्रह्मपाल प्रजापति रहता हो तो उसकी सहायता कर उसके जज्बों को बढाने का प्रयास जरूर करें | आज ऐसे लोगों कि देश व समाज को बहुत जरूरत है |

एक पंखा या टेबल फेन भी नहीं है इस सच्चे इन्सान के पास और हमारे भ्रष्ट नेता नोट खा-खा कर अय्यासी कर रहें हैं  | इस चित्र में मैं और पदम् सिंह जी पसीने से भीगे हुए बीच में आजाद पुलिस के पीठ पर हाथ रखकर उनका हौसला बढ़ाने का प्रयास कर रहें हैं | मैंने और पदम् सिंह जी ने एक घंटा इस नेक इन्सान के साथ इनके दुःख भरे आशियाने में इनके दुखों को जानने में बिताया | कास हमारे देश के नौटंकी बाज भ्रष्ट नेता ऐसे व्यक्ति कि कुछ सुध ले पाते और इनके दुखों को महसूस कर पाते |
गरीबों के उत्थान के अड्बों कि योजनाओं और UP में गरीबों कि सरकार का डंका पीटने वाली मायावती जी कि सभी कल्याणकारी दाबों का पोल खोलती हुई मूलभूत जरूरत के सामान के बिना आजाद पुलिस व उसका परिवार जीवन गुजार रहा है ,जिसे हमसब के सहायता कि सख्त जरूरत है | सत्य व देशभक्ति का आज देश में क्या हालत है यह इस आजाद पुलिस को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है |

मैंने आजाद पुलिस के दोस्त मनोज पाल से आजाद पुलिस के संघर्षों कि दास्तान कि गहराइयों को जानने का प्रयास किया |


आजाद पुलिस अपनी लिखी किताब हमें दिखाते हुए | आजाद पुलिस के सारे कागजात व सच्चे कारनामों के सबूतों का प्रमाण आर्थिक तंगी के कारण एक अदद फाइल का राह देख रही है | वाह रे आजाद इंडिया और उसका असल आजाद पुलिस |
आज मैं ऐसे व्यक्ति से मिला जिसका जीवन एक संघर्ष है  महात्मा गाँधी व सुभाषचन्द्र  बोस  कि  तरह और वह संघर्ष सिर्फ और सिर्फ इस देश के भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था जो आज अंग्रेजों के गुलामी भरे शासन से भी बदतर है के खिलाप है | इस व्यक्ति का नाम है ब्रह्मपाल प्रजापति उर्फ़ आजाद पुलिस जो नंदग्राम गाजियाबाद उत्तरप्रदेश में रहता है | सही मायने में यह एक सच्चा पुलिस है जो हर अन्याय के खिलाप आवाज उठा रहा है जिसके लिए उसे सम्मान कि जगह भ्रष्ट व्यवस्था से अपमान और डंडे कि मार भी मिलता है और सत्य बोलने व सत्य के लिए लड़ने वालों को कैसे जेल में डाल दिया जाता है वह तो कोई आजाद पुलिस से बात कर महसूस कर सकता है | इस व्यक्ति के परिवार में एक पत्नी और दो बच्चे(लड़का) हैं | इस व्यक्ति का जीवन बहुत ही कष्टमय बीत रहा है और इसके पास इस गर्मी में एक पंखा तक नहीं है | मैंने जब इसके जुवान से यह सुना कि "मुझे अभी तक किसी ने साथ नहीं दिया और ना ही सहायता ही दी है" तो मेरी आँखें डबडबा गयी और मैं यह पोस्ट उसी सम्बेदना में लिख रहा हूँ | आपलोगों से आग्रह है कि आपलोग अपने या अपने बच्चों पर तो बहुत खर्च करते है लेकिन किसी सच्चे व देश भक्त इन्सान कि सहायता पर भी आपलोग कुछ खर्च करें | आप इस सच्चे इन्सान कि यथासंभव मदद जरूर करें | आप इस व्यक्ति को मदद के लिए इस व्यक्ति के मोबाईल -09654829179 पर इस व्यक्ति से संपर्क कर सकते हैं या एक नेक दिल ब्लोगर श्री पदम् सिंह जी से उनके फोन पर -09868962005 तथा 09716973262 पर संपर्क कर आजाद पुलिस को सहायता कि राशी कैसे और कहाँ पहुंचानी है के लिए जानकारी हासिल कर सकते हैं |इस महान ब्लोगर ने ही इस महान देशभक्त,इमानदार व सच्चे समाजसेवक के बारे में अपने ब्लॉग पद्मावली पर लिखा था जिसे पढ़कर ही मैं इस व्यक्ति से मिलने गया था | इस काम में हमारी अभूतपूर्व सहायता श्री पदम् सिंह जी ने किया जिनके हम हार्दिक आभारी हैं |

मैं पदम् सिंह जी के घर भी गया जहाँ उनका अपनापन व सत्कार इंसानी सम्बेदनाओं से भरा था | पदम् सिंह जी के बच्चों और उनके पत्नी का व्यवहार भी किसी भी इन्सान को बेहद सम्मान देने वाला लगा | कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पदम् सिंह जी का परिवार इंसानी सम्बेदनाओं से भरा परिवार है और हर जरूरतमंद इन्सान कि यथासंभव मदद भी कर रहा है | ऐसे परिवार का मैं हार्दिक आभार प्रगट करता हूँ |

आप इस देशभक्त आजाद पुलिस उर्फ़ ब्रह्मपाल प्रजापति कि सहायता में जो भी संभव हो स्वेक्षिक राशी ICICI बैंक के खाता संख्या 003101572405 में अनुदान कर सकते हैं अनुदान करने के बाद azadpolice@gmail.com पर सूचित अवश्य कर दें |
अंत में आप लोगों से इंसानियत के नाते एकबार फिर आग्रह करता हूँ कि ब्रह्मपाल प्रजापति उर्फ़ आजाद पुलिस कि यथासंभव सहायता जरूर करें ,इससे आपके धन सम्पदा में कमी नहीं बल्कि बृद्धि होगी .....

Saturday, July 10, 2010

मिलिये आज के सच्चे इंसान और सही मायने में देश और इंसानियत कि रक्षा कर रहे IAS और IPS से मेरे नजर में ये आज के भगवान हैं ......


http://iri.org.in
भगवान किसे कहते हैं ? जवाब होगा सत्य,न्याय,देशभक्ति,इंसानियत और ईमानदारी कि रक्षा करने वाला ही भगवान है |

पिछले दिनों एक नेक व देशभक्त इन्सान श्री राम बंसल जी,जो एक जाने-माने ब्लोगर भी है तथा देश और समाज को हर हाल में बदलकर उसे सही राह पर लाने का प्रयास निडर होकर कर रहें हैं | इस नेक इन्सान को आज का भगत सिंह,खुदीराम बोश ,चंद्रशेखर  आजाद ,डॉ.राजेंद्र प्रसाद व महात्मा गाँधी कहा जा सकता  हैं |ऐसे लोग हमारे देश के हर गांव में हैं जिनको सिर्फ सुरक्षा पहुँचाने कि जरूरत है | बाकि का काम ये देशभक्त लोग न्यायसंगत व तर्कसंगत आधार पर खुद करने कि क्षमता रखते हैं | इनकी क्षमता पर भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों तथा उनके चमचों का वार डराने ,धमकाने व झूठे मुकदमों में फ़साने के रूप में नित्य होता रहता है और इनकी देश व समाज भक्ति कि परीक्षा भी नित्य होती रहती है |

ऐसी ही परीक्षा श्री राम बंसल जी कि पिछले दिनों उनके गांव में MLA के कुछ गुंडों ने ली और बंसल साहब ने इंसानियत के सहायता के रूप में ब्लॉग पर अपना दुःख लिखा
http://khandoi.blogspot.com/2010/06/blog-post_16.html 
औरhttp://hprdindia.org (honesty project  को  सहायता के लिए इ.मेल भी किया | 
हमने श्री बंसल साहब कि सहायता के लिए श्री सुनील कुमार जी IAS तथा श्री जसवीर सिंह जी IPS से इंसानियत कि सहायता के लिए गुहार लगाया ठीक उसी तरह जिस तरह एक देश भक्त इंसान दूसरे देशभक्त इंसान  व भगवान से सहायता कि गुहार लगाता है |





उपर्युक्त अधिकारी भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री आर.सी.लाहोटी जी के http://iri.org.in के संस्थापक सदस्य भी हैं और http://hprdindia.org (honesty project) के विचारों और उद्देश्यों को भी अपना उद्देश्य और लक्ष्य समझकर ह़र संभव सहायता व समर्थन सही मायने में   दे भी रहें हैं |

ऐसी ही सहायता व समर्थन के रूप में श्री सुनील जी और श्री जसवीर जी ने हमारे आग्रह पर श्री राम बंसल जी कि अभूतपूर्व सहायता कि जिससे गुंडों और इंसान (भगवान व राक्षस )के युद्ध में इंसान कि जीत हुयी | निश्चय ही यह जीत इंसानियत कि जीत है जिसके लिए सारा श्रेय श्री  सुनील जी(IAS),श्री जसवीर जी(IPS),श्री नीलेश जी (SSP बुलंदशहर)को जाता है |

इसके साथ ही हम IRI के सभी संस्थापक सदस्यों को भी इस महान उद्देश्यों वाली संस्था के गठन के लिए धन्यवाद देते हैं ,खासकर श्री लाहोटी जी को जिन्होंने इस देश में सत्य,न्याय,ईमानदारी तथा देश भक्ति के जज्बों को सुरक्षा देने व प्रोत्साहित करने का साहसिक प्रयास कि शुरुआत कि है | 


निश्चय कि ये लोग इन्सान के रूप में आज के भगवान हैं और ऐसे किसी भी व्यक्ति कि पूजा कि जानी चाहिए जो आज सत्य,न्याय,ईमानदारी और देशभक्ति कि रक्षा कर रहें हैं |


आप सभी से हमारा आग्रह है कि आप लोग ऐसे इन्सान के सम्मान में इस ब्लॉग पर अपनी टिपण्णी दर्ज करें तथा समाज में ऐसे लोगों के कार्यों कि चर्चा आम लोगों के बीच जरूर करें जिससे सत्य,न्याय,ईमानदारी,देशभक्ति और इंसानियत के लिए लड़ाई लड़ रहे लोगों को यह महसूस हो कि उनके साथ पूरे देश के इमानदार लोग उनकी सहायता में तत्पर हैं,जिससे ऐसे लड़ाई के जज्बों को मजबूत कर इस देश में सार्थक बदलाव लाया जा सके |

Monday, June 7, 2010

भोपाल गैस कांड के अभियुक्तों को इनाम ,वारेन एंडरसन को अमेरिका में सुरक्षित रहने का पुरस्कार -----?

                 ख़ूनी टेंक नंबर-610जिससे गैस लिक हुआ था
हमें शर्म आती है अपने आप को भारतीय कहते हुए ? क्योंकि यहाँ न्याय और जाँच कर दोषियों को सजा देने कि कोई भी प्रक्रिया बची ही नहीं है या यों कहिये कि सारी कि सारी इंसानियत और न्याय पैसे के जूतों तले दब गयी है | अमेरिका के बारे में तो सुना था कि वहाँ ड्रेकुला भी रहते हैं और उनका बहुत ही जबरदस्त प्रभाव है और स्केल्प एंड बोन नाम कि एक ताकतवर संस्था भी है जिसके कई सदस्य वहाँ के राष्ट्रपति से लेकर न्याय के सर्वोच्च पद पर भी विराजमान हो चुके हैं | 

लेकिन लगता है कि हमारे देश में भी ड्रेकुला लोग न्याय व्यवस्था में और देश को चलाने कि व्यवस्था में अपना पहुंच बना चुके हैं और इसका सबसे ताजा उदाहरण है यूनियन कार्बाइड गैस कांड में आया ताजा फैसला |

इसका उम्दा पक्ष इस प्रकार है जो हमारे देश के उम्दा न्याय को दर्शाता है ----
1-यह फैसला 25 वर्ष बाद आ पाया ,वाह रे हमारे देश कि जाँच एजेंसियां और हमारी न्याय पालिका,शाबास | इस हादसे में लगभग 15000 लोग मारे गए थे और कई पीढ़ी आज भी इसके दर्दनाक प्रभाव को शारीरिक अपंगता के रूप में झेलने को मजबूर है |
2-इस में मुख्य अभियुक्त यूनियन कार्बाइड के चेअरमेन वारेन एंडरसन का अभियुक्तों के लिस्ट में नाम तक नहीं है | ये अभी भारत सरकार कि मेहरबानी से अमेरिका में सुरक्षित रहकर ऐश कर रहा है ,बेशर्म कहिं का ...
3-आठ दोषियों में से एक कि मृत्यु हो चुकी है और सात को सिर्फ दो साल कि सजा सुनाई गयी है,जिसे सजा के तुरंत बाद जमानत भी दे दी गयी ,वाह रे न्याय ...?
4-एक भी ऐसे व्यक्तियों को सजा नहीं दी गयी जो ऐसे खतरनाक  जहरीले रसायन जैसे उद्योग कि सुरक्षा के लिए सरकारी प्रशासनिक जिम्मेवारी को देख रहे थे | 
5-हमारे देश कि सरकार या यों कहें कि निक्कमी सरकार ने वारेन एंडरसन जैसे अपराधियों के समप्पति को जप्त करने कि अन्तराष्ट्रीय स्तर पर कोई कोशिस नहीं कि ,जिससे उसकी समप्पति को नीलाम कर गैस हादसे के पीड़ितों को थोड़ी बहुत सहायता का मरहम पहुंचाया जा सके |
6-यूनियन कार्बाइड को इस गैस कांड को बखूबी अंजाम देने के लिए और 25 साल तक फैसले में तिकरम के जरिये देर करवाने के लिए सिर्फ 5 लाख जुरमाना किया गया है,वाह रे हमारे देश कि सरकार और हमारे देश कि न्याय व्यवस्था -क्या मोल लगाया है इंसानियत और संवेदनशीलता  का ,यह मोल ज्यादा होता अगर सोनिया गाँधी जी के परिवार का या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार का कोई सदस्य इस गैस कांड में मारा गया होता ..?
     
निश्चय ही यह फैसला भारतीय न्याय व्यवस्था के काले इतिहास में दर्ज होगा ,जिससे आने वाली पीढ़ी इस फैसले को न्याय व्यवस्था में कैसे-कैसे लोग है हमारे देश में इसको पहचानने के लिए प्रयोग करेगी | हम इस फैसले का पुरजोड़ विरोध करते हैं और सभी ब्लोगरों से आग्रह करते हैं कि इस फैसले का मानवीय आधार पर विरोध करे | हम भारत सरकार से भी मानवीय आधार पर आग्रह करते हैं कि इस मामले में फैसला देने वाले जज के खिलाप भ्रष्टाचार कि जाँच करे और इस फैसले  को जनहित में सर्वोच्च न्यायालय के अधीन लाकर उच्चस्तरीय न्यायिक विवेचना करे और यूनियन कार्बाइड के चेअरमेन वारेन एंडरसन को ह़र हाल में गिरफ्तार कर उसकी सारी संपत्ति कि नीलामी कर गैस पीड़ितों में बराबर बाँट दे | ऐसा करना ही सिर्फ न्याय होगा बाकि तो सब बकबास हो रहा है न्याय के नाम पर और यही कारण है कि नक्सलवाद और उग्रवाद हमारे देश में मजबूरन पैदा हो रहा है |