क्या आप समझते हैं कि जनता को सरकार को संयुक्त हस्ताक्षर अभियान के जरिए,आदेश देने का अधिकार है?

Saturday, March 21, 2015

हमारा दिल्ली का पता बदल गया है------------------------

 हमारा दिल्ली का पता बदल गया है ,कृपया पत्र व्यवहार के समय या मिलने के लिए 127 की जगह 132 DDA-HIG का प्रयोग करें।  

हमारा पुराना पता -JAI KUMAR JHA,C/O-HONESTY PROJECT REAL DEMOCRACY IN INDIA ,127-DDA-HIG,SECTOR-A-5,POCKET-13,NARELA,DELHI-110040


हमारा नया पता -JAI KUMAR JHA,C/O-HONESTY PROJECT REAL DEMOCRACY IN INDIA ,132-DDA-HIG,SECTOR-A-5,POCKET-13,NARELA,DELHI-110040



धन्यवाद सहित आपका -जय कुमार झा 

Wednesday, June 15, 2011

भारत सरकार या खूंखार आतंकवादी..?


निश्चय ही 4-5 जून की रात एक बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में जो हुआ वैसी बर्बरता किसी खूंखार आतंकवादियों ने भी कभी नहीं किया था....जलियाँवाला बाग तो इस घटना के सामने कुछ भी नहीं क्योकि सोये हुए व्यक्ति,महिलाओं,बच्चों व संतों को डंडे व आसूं गैस के गोले से मारना समूची इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है और इसे अंजाम दिया दिल्ली पुलिस तथा भारत सरकार ने....

मैंने जब सुबह सुबह टीवी खोला तो देखकर दंग रह गया और फेसबुक पर इसके खिलाफ अभियान में जुट गया...उसके बाद तो विरोध के स्वर प्रखर होते गए और अब तो सर्वोच्च न्यायलय ने भी संज्ञान ले लिया है ,उम्मीद है दोषियों को सख्त से सख्त सजा जरूर होगी....प्रस्तुत है फेसबुक के कुछ महत्वपूर्ण पोस्ट की झलक... 
इंसानियत पर हैवानियत का हमला...

मैं बाबा रामदेव का समर्थक नहीं हूँ लेकिन 12 बजे रात में जो दिल्ली पुलिस और मनमोहन सिंह,सोनिया गाँधी,शरद पवार,प्रणव मुखर्जी,कपिल सिब्बल,सुबोधकांत सहाय,पवन बंसल जैसे लोगों ने करवाया वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला है ...ऐसा काम कोई खूंखार आतंकवादी नेटवर्क भी नहीं कर सकता ..मेरी देशवाशियों से अपील है की इस... घटना का जबरदस्त विरोध करें क्योकि ये इंसानियत पर हैवानियत का हमला है....हर इमानदार SPG ,पुलिस,अर्धसैनिक बल,खुपिया ,सेना,जज ,पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील है की इस सरकार और इसमें बैठे सभी मंत्रियों को जेल व क्रूरता भरी फांसी के लिए प्रयास करें क्योकि ये सब एक नंबर के गद्दार व इंसानियत के दुश्मन हैं...
सबसे ऊपर इंसानियत है पद,प्रतिष्ठा,पैसा,अमीरी,गरीबी सब बाद की चीज है...कल रात 4 जून 2011 को 1 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में जो हुआ उसे सिर्फ बाबा रामदेव की रैली के सन्दर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए ..बल्कि इसके बाद इस देश की जनता का आदेश है इस देश के सभी इमानदार व देशभक्त SPG ,ब्लैककेट कमांडों,पुलिस,अर्धसैनिक बलों,खुपिया अधिकारीयों व... सेना के तीनों प्रमुखों को की आज इस देश के सभी मंत्री प्रधानमंत्री के पद पर बैठे लोग शर्मनाक भ्रष्टाचारी,देश व समाज के दुश्मन तथा इंसानियत के प्रति जघन्य अपराध करने वाले अपराधी हैं इसलिए आज ऐसे गद्दारों व हैवानों को गोली मार दिया जाना चाहिए ....ऐसा पुन्य तथा देश व समाज भक्ति का काम करने वाले अधिकारी को इस देश का राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए...

अंग्रेजों के लम्बे दमनकारी व लूट के शासन काल में भी रात के 12 बजे बत्ती बुझाकर दो दिन से भूखे लोगों,महिलाओं,बच्चों,साधुओं को बुरी तरह पीटने की घटना नहीं मिलती जैसा की दिल्ली के रामलीला मैदान में 4 जून 2011की रात 12 बजे मनमोहन सिंह,सोनिया गाँधी,प्रणव मुखर्जी,शरद पवार,पी.चिदम्बरम,सुबोधकांत सहाय,पवन बंसल,कपिल सिब्बल जैसे गद्दारों,शर्मनाक... भ्रष्टाचारियों व महापपियों द्वारा किया गया ..क्या इस देश के सेना,आम जनता,पत्रकार,सामाजिक कार्यकर्त्ता,खुपिया एजेंसियों ,SPG व ब्लैककेट कमांडों में एक भी देश भक्त भगत सिंह व खुदीराम बोस नहीं जो इस देश व समाज को इन गद्दारों,हैवानों,महापपियों से मुक्ति दिला सके....?
भ्रष्ट काँग्रेस सरकार अपनी औकात पर आई
कमीनेपन की सारी हदें पार करते हुए रात साढ़े बारह बजे सोते हुए बाबा राम देव और उनके साथ शान्ति पूर्ण ढंग से सत्याग्रह कर रहे आम जन पर लाठी चार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़ते हुए आंदोलन को कुचल दिया गया है... बाबा रामदेव और बालकृष्ण का कोई पता नहीं कि पुलिस उन्हें कहाँ ले गयी है..
सरकार ने जितनी मर्दानगी रामलीला मैदान पर दिखाई है , क्या उतनी ही मर्दानगी अफ़ज़ल और कसाब जैसे को फ़ांसी पर चढाने के लिए दिखा सकती है , नहीं .................तो बांकी की सारी दलीलें एक आम आदमी के लिए बकवास है ..सच सिर्फ़ ये है कि सरकार ने कायरतापूर्ण व्यवहार किया है
न्यायपालिका ने सरकार से कहा है कि बेट्टा जरा हमें भी वो कानून बताओ तो जिसका पालन तुमने आधी रात को करवया है .....सरकार को अब जवाब देना है , सुना है कि सरकार ने दो मंत्रियों के मुंह पर टेप साट के कोर्ट ले जाने का फ़ैसला किया ..उन्हें पता है ये मरवाएंगे एक दिन सरकार को
 
सब कुछ ठीक चल रहा था. अचानक ही सरकार को क्या खतरा पैदा हो गया कि रात में सोते हुए लोगों पर हमला बोल दिया? न महिलाओं का और न ही बच्चों का कोई सम्मान, बर्बरता, अश्रु गैस, लाठियां. आज गाँधी होते तो शर्म से मर जाते.
 


Sunday, May 1, 2011

ब्लोगिंग का अब हर कदम देश व समाजहित में उठेगा तथा शर्मनाक भ्रष्टाचार मिटेगा...

आज दिल्ली के हिंदी भवन में देश भर के ब्लोगरों का सम्मलेन संपन्न हुआ जिसका सार यह है की हिंदी ब्लोगिंग के साहित्य,कविता,कहानिया तथा ब्लोगिंग के हर पोस्ट को अब देश व समाजहित से जोड़ना आज बहुत जरूरी हो गया है नहीं तो ब्लोगिंग की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी और इस देश से शर्मनाक भ्रष्टाचार भी नहीं मिटेगा...इसलिए ज्यादातर ब्लोगरों ने तय किया की ब्लोगिंग का अब हर कदम व्यक्तिगत मुद्दों से हटकर देश व समाजहित में उठेगा तथा शर्मनाक भ्रष्टाचार जरूर मिटेगा ,कुल मिलाकर कहा जा सकता है की ये सम्मलेन ब्लोगिंग को एक नए मुकाम की ओर ले जाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा |

आप लोग भी महसूस कीजिये चित्रों की नजर से इस सम्मलेन की गुणवत्ता को... 



















Wednesday, April 6, 2011

5 अप्रेल 2011 का पावन दिन और अन्ना हजारे जी द्वारा आजादी की दूसरी लड़ाई का शंखनाद.....

5 अप्रेल 2011 का पावन दिन और अन्ना हजारे जी द्वारा आजादी की दूसरी लड़ाई का शंखनाद तथा दिल्ली के जंतर-मंतर समेत पूरे देश में आमरण अनसन के साथ ये साबित हो गया की ये देश गुलाम है सिर्फ अंग्रेजों के चेहरे और नाम बदल गये हैं....अब अंग्रेजों के नाम जनरल डायर की जगह सोनिया गाँधी,मनमोहन सिंह,प्रतिभा पाटिल,शरद पवार,मुकेश अम्बानी इत्यादि हो गये हैं...



अतः आपलोगों से आग्रह है की आपलोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पे आइये तथा आजादी की इस दूसरी लड़ाई में जान की बाजी लगाइये... 

इस आजादी की दूसरी लड़ाई का शंखनाद तस्वीरों की जुवानी... 




















Tuesday, March 1, 2011

आज के हालात तथा समाज निर्माण में ब्लोगिंग और उसकी रचनात्मकता का योगदान....



आज जबकि शर्मनाक स्तर का भ्रष्टाचार जीरो रिस्क और सबसे ज्यादा फायदे का व्यवसाय बन चुका है और सामाजिक असमानता की भयावहता इंसानियत को ही ख़त्म करने पर तुली हुयी है | ऐसे में इसके निदान के लिए सोचना और सार्थक प्रयास करना हर किसी के लिए अतिआवश्यक हो गया है |


अब सवाल उठता है की इस स्थिति के कारण क्या हैं और समाधान क्या....? हमसब जानते हैं की किसी भी व्यवस्था के जिन्दा रहने के लिए सत्य,न्याय और ईमानदारी आधारित निगरानी व कार्यवाही की व्यवस्था बहुत जरूरी होती  है | हमारे देश में न्यायपालिका,कार्यपालिका तथा व्यवस्थापिका की निगरानी के लिए चौथा खम्भा के नाम से मिडिया होती थी ...होती थी मैं इसलिए कह रहा हूँ की अब इस देश में मिडिया के नाम पर सिर्फ प्रायोजित समाचार ही रह गए हैं ,किसी भी घटना का मिडिया द्वारा निरंतर विश्लेषण कर असल गुनेहगारों को सजा दिलवाने वाली पत्रकारिता का अंत हो चुका है और जन-जन की आवाज वाली मिडिया भ्रष्ट मंत्रियों और उनके धनपशु उद्योगपतियों की दुकान बनकर रह गयी है ,जिसकी वजह से देश में शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार की वजह से भयंकर अराजकता और कुव्यवस्था का आलम है तथा व्यवस्था अब सामाजिक सरोकार से व आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के दायित्व से दूर हो चुकी है |



आज सरकारी कार्यालयों में रिश्वत नहीं देने वालों को खुले आम पीटा जाता है इस धमकी के बाद की जहाँ जाना है जाओं कुछ नहीं होगा ....सबको पता है की देश के प्रधानमंत्री को या राष्ट्रपति को भी आम लोगों द्वारा किये गए लिखित शिकायत या इ.मेल पर कोई भी न्यायोचित व तर्कसंगत कार्यवाही नहीं होती है | इसलिए लोकतंत्र लूटेरों और भ्रष्टाचारियों का तंत्र बनकर रह गया है ,आज प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पदों पर बैठे लोगो के ऊपर भी कई गंभीर आरोप हैं ,ज्यादातर उच्च संवेधानिक पदों पर बैठे लोग शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार में लिप्त हैं |



गंभीर और शर्मनाक अवस्था है इसलिए अब इस देश की व्यवस्था की निगरानी जन पत्रकारिता के जरिये करने तथा देश व समाज के गद्दारों को समाज में बेनकाब करने की जरूरत है | इस काम में ब्लोगिंग सबसे धारदार हथियार है | इसे  ब्लोगिंग का असर ही कहेंगे की 2G के स्पेक्ट्रम घोटाले में इतने सबूत ब्लॉग पे उपलब्ध करा दिए गए की सरकार को ऐ राजा के खिलाफ कार्यवाही करने को मजबूर होना परा | लेकिन ये तो एक नमूना है ब्लोगिंग का सही उपयोग कर हर गांव के पंचायत के प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार के प्रशासन तक को आम लोगों द्वारा नियंत्रित कर देश के असल विकास को आम लोगों का विकास बनाया जा सकता है | हालाँकि सरकार द्वारा आमलोगों को जानकारी पहुँचाने के लिए हर जिले में वेबसाइट बनाया गया है लेकिन इन वेबसाइटों पर अरबों रुपया हर वर्ष खर्च होने के बाबजूद कोई भी सूचना जो सरकार में पारदर्शिता को बढ़ाये तथा लोगों द्वारा सामाजिक जाँच से उसकी पुष्टि हो सके के मामले में जीरो ही है | जिला प्रशासन लोगों के इ.मेल किये गए शिकायत का जवाब तक नहीं देता है | वहीँ दूसरी और कई ऐसे ब्लोगर है जिनको कोई भी सरकारी सहायता नहीं मिलने के बाबजूद अपने ब्लॉग के जरिये सरकार के विभिन्न योजनाओं की निगरानी कर उसमे हुए किसी भी प्रकार के  घोटालों के जानकारी को लोगों तक पहुंचा रहें हैं और जन आन्दोलन के जरिये निगरानी और कार्यवाही का सरकार पर दवाब बना रहें  हैं  | आज ब्लॉग और FECEBOOK के माध्यम से ही हमलोगों ने INDIA AGAINST CORRUPTION के मुहीम को जन-जन के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जनयुद्ध में परिवर्तित कर सकें हैं | कई ऐसी संस्था और समूह हैं जिनका भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई पूरे देश में इ.पेपर,ब्लॉग तथा वेब की जरिये ही प्रभावी ढंग से पहुंचा है जैसे http://hprdindia.org ,
http://iri.org.in ,http://www.bhadas4media.com/, http://sahitya.parikalpnaa.com/2011/02/blog-post_28.html?spref=fb| ,इत्यादि


इतना सब होने के बाबजूद भी ब्लोगिंग को सामाजिक सरोकार से जोड़कर देश की व्यवस्था की निगरानी व कार्यवाही के लिए एक कारगर हथियार के रूप में प्रयोग  करने की दिशा में इसे शुरुआत ही कहा जा सकता है |



अभी बहुत कुछ किया जाना बांकी है और बहुत कुछ किया जा सकता है तथा इसके लिए हर व्यक्ति को ब्लोगिंग का उपयोग कर जन पत्रकारिता का प्रयोग करना होगा | इसके लिए जरूरी नहीं की आप लेपटोप या इंटरनेट के कनेक्सन के खर्चे को उठाये आप इसके लिए अपने नजदीकी साइबर केफे का उपयोग कर देश के किसी भी ब्लोगर या ब्लॉग मिडिया समूह से जुड़ सकते हैं | अभी हमने एक ब्लॉग सिर्फ CORRUPTION FIGHTERS के लिए ही बनाया है अगर आप अपने क्षेत्र में भ्रष्टाचार व कुव्यवस्था के खिलाफ ईमानदारी से सोच या लड़ रहें तो इस ब्लॉग के सदस्य के रूप में आपका स्वागत है | आप इस ब्लॉग का सदस्य बनने के लिए हमें honestyprojectdemocracy@gmail.com पर इ.मेल कर सकते हैं |  हम आपसे वादा करते हैं की हम जनहित और देशहित में भ्रष्टाचार तथा कुव्यवस्था की लड़ाई में आपका हर संभव सहायता करने का प्रयास करेंगे | आइये ब्लॉग मिडिया व उसकी रचनाधर्मिता  को इस देश की व्यवस्था के निगरानी का सशक्त माध्यम बनायें | मुझे आपके साथ चलकर गर्व होगा | हमसब ब्लॉग के जरिये जिलापदाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से लेकर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जैसे पदों को जनहित में सत्य,न्याय,ईमानदारी तथा देशभक्ति की रक्षा के लिए मिले स्वयं विवेक  तथा विशेषाधिकार की भी निगरानी कर सकते हैं जिससे इनका दुरूपयोग कोई इन पदों पर बैठकर अपने निहित स्वार्थ तथा देश व समाज के साथ गद्दारी के लिए ना कर सके | ऐसा करना हमसबका इंसान के नाते भी एक कर्तव्य है और इसके लिए योग्यता चाहिए बस आपकी ईमानदारी और सत्य की रक्षा के लिए आपकी निडरता |