क्या आप समझते हैं कि जनता को सरकार को संयुक्त हस्ताक्षर अभियान के जरिए,आदेश देने का अधिकार है?

Wednesday, May 5, 2010

क्या हम ब्लोगर रद्दी कि टोकरी भर बनकर रह जायेंगे -----?


एक समय था कि विश्व कि महाशक्तियां अमेरिका ,चीन,रूस ,फ़्रांस और ब्रिटेन विश्व के किसी अन्य देशों द्वारा बनाये गए किसी भी संगठन को और उससे उठे किसी भी सार्थक आवाज को रद्दी कि पोटली से उठे आवाज कि तरह कोई तवज्जो नहीं देती थी /

आज परिस्थितियाँ ऐसी बदली है कि ये सभी देश ,अपने देश के लोगों का पेट भरने और उनको आर्थिक बदहाली से निकालने के लिए, इन रद्दी कि पोटली कहे जाने वाले देशों  के साथ ,न जाने कैसे-कैसे व्यापारिक व अन्य समझौतों को करने के लिए आगे आकर आग्रह कर रही है / हलांकि इसके बाबजूद उनके तिकरम और खतरनाक मंसूबों में कोई सार्थक बदलाव नहीं आया है और इन देशों में भ्रष्टाचार और सरकार में उच्च पदों पर बैठे लोगों में भ्रष्ट लोगों कि अधिकता ,उनके इन इरादों को कामयाब बनाने में मदद भी पहुंचा रही है /

ठीक उसी तरह ब्लोगरों द्वारा उठाया गया कोई भी सार्थक विचार और मुद्दों को सरकार और सरकार में बैठे बेशर्म और भ्रष्ट लोग रद्दी कि टोकरी से उठे आवाज कि तरह समझती है और किसी तरह कि तवज्जो देना जरूरी नहीं समझती है /


ब्लोगरों द्वारा तथ्यों और सच्ची सोच से मेहनत से जुटाई गयी बेहद अहम् सबूत भी ,उसके बेशर्मी को थोरी बहुत शर्म में भी ,नहीं बदल पा रही है /

अब सवाल उठता है कि क्या हम ब्लोगर इसी तरह अपनी लेखनी के जरिये चीखते-चिल्लाते हुए कुछ सार्थक टिप्पणियों के बाबजूद इस व्यवस्था के लिए रद्दी कि टोकरी ही बने रहेंगे ? निश्चय ही यह बेहद गम्भीर प्रश्न है जिस पर हम सभी ब्लोगरों को मिलकर सोचना होगा ,जिससे ब्लॉग कि सशक्तता और महत्ता दोनों को बढाकर उसके प्रभाव को देश और समाज में सार्थक बदलाव से जोड़ना होगा / ऐसा करने के बाद ही हम ब्लॉग और ब्लोगरों को किसी भी व्यवस्था द्वारा रद्दी कि टोकरी समझने कि मानसिकता को बदल पायेंगे /
ऐसा मुश्किल तो है लेकिन अगर हम ब्लोगर किसी अच्छे उद्देश्य के लिए अपने-अपने मतभेद को भूला कर एकजुट हो जायें तो यह काम ना मुमकिन नहीं रहेगा /

इसके लिए मैं देश-व्यापी अभियान कि रूप रेखा तैयार कर रहा हूँ और मैं चाहता हूँ कि सभी ब्लोगर चाहे वो देश में रह रहें हो या विदेश में वो इस दिशा में सोचें और आगे आयें / क्योंकि एकता कि ताकत से ही किसी अच्छे उद्देश्य कि प्राप्ति संभव है / पूरे देश में ब्लोगरों कि संख्या बढ़ाकर और उसे खोजी पत्रकारिता के लिए साधन,संसाधन और सुरक्षा मुहैया कराकर ब्लॉग को एक ऐसे ताकत के दवाब समूह का रूप दिया जा सकता है ,जिसकी ह़र न्यायसंगत और तर्कसंगत आवाज को मानना इस देश कि सरकार या इस देश के किसी भी राज्य के सरकार के लिए जरूरी हो जायेगा / हम सब मिलकर इसके सामाजिक,आर्थिक और कानूनी आधार को इतनी मजबूती प्रदान कर सकते हैं कि ,लोग ब्लॉग कि तरफ आकर्षित हुए और उसके साथ जुड़कर काम करने के लिए स्वतः ही प्रेरित होने लगेंगे /
आप सभी ब्लोगर बंधुओं से आग्रह है कि अगर आप अपने-अपने क्षेत्र में ब्लॉग और ब्लोगिंग के विकाश के लिए कुछ करने कि चाह रखते है या ऐसे किसी प्रयास को सामूहिक सहयोग के नहीं मिलने कि वजह से अमल में नहीं ला पा रहें हैं या आप इस विषय पर कुछ सार्थक सुझाव और विचार को रखना चाहते हैं तो ,इस पोस्ट पर टिप्पणी के रूप में दर्ज करें या हमें इ,मेल honestyprojectdemocracy@gmail .com पर करके बताएं या हमारे मोबाइल -09810752301 पर संपर्क करें / अपने-अपने क्षेत्र में आपके सार्थक प्रयास और थोरी मेहनत से ही इस देश और समाज को ब्लॉग के जरिये ,सही राह कि ओर मोड़ा जा सकता है / इसके लिए आपका प्रयास,सामूहिक सहयोग ,सुझाव  और सोच महत्वपूर्ण है / आपके विचारों का इंतजार रहेगा /
 

5 comments:

  1. महान पोस्ट
    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारें और मुझे कृतार्थ करें

    इस्लाम का नजारा देखें

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  2. अब सवाल उठता है कि क्या हम ब्लोगर इसी तरह अपनी लेखनी के जरिये चीखते-चिल्लाते हुए कुछ सार्थक टिप्पणियों के बाबजूद इस व्यवस्था के लिए रद्दी कि टोकरी ही बने रहेंगे ?

    Ghambhir swaal uthaya hai

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  3. आपका प्रयास सही है और ये समय की मांग है की ठोस कार्यवाही की जाए.

    मैंने भी पहले कुछ कार्यों की सूची बनायी थी. जल्द ही आपसे अपने विचार साझा करूँगा .

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  4. This comment has been removed by the author.

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  5. हमारी शुभकामनायें आपके साथ हैं

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