Sunday, October 10, 2010

ब्लोगिंग का उपयोग सामाजिक सरोकार तथा मानवीय मूल्यों को सार्थकता क़ी ओर ले जाने केलिए किये जाने क़ी संभावनाएं बढ़ गयी है ........

विश्वविध्यालय के कुलपति महोदय (श्री रॉय) ब्लोगर संगोष्ठी को संबोधित करते हुये तथा संपरीक्षा अधिकारी श्री सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी उनके बगल में खरे हुये  ...
संगोष्ठी कक्ष में पहुंचते अतिथि ब्लोगर और ब्लोगिंग सीखने क़ी चाह रखने वाले छात्र...

महात्मा गांधी अंतराष्ट्रीय हिंदी विश्वविध्यालय वर्धा  के प्रयास तथा इस विश्वविध्यालय के कुलपति श्री विभूति नारायण रॉय तथा संपरीक्षा अधिकारी श्री सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी के ब्लोगिंग के प्रति सकारात्मक सम्मान तथा गहरी अभिरूचि से आयोजित इस राष्ट्रिय ब्लोगर संगोष्ठी  के बाद ब्लोगिंग क़ी सामाजिक सरोकार से जुड़ने तथा मानवीय मूल्यों के उत्थान के लिए प्रयोग करने क़ी संभावनाएं प्रबल हो गयी है |



ये विश्व का पहला हिंदी विश्वविध्यालय है जो ब्लोगिंग के उत्थान के लिए दूसरी बार राष्ट्रिय स्तर के ब्लोगर संगोष्टी का आयोजन करने के साथ-साथ नए ब्लोगरों को देश और समाज के समक्ष उत्पन्न गंभीर चुनौतियों को हल करने में ब्लोगिंग का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का भी काम कर रहा है | निश्चय ही हिंदी ब्लोगिंग के उत्थान तथा प्रचार प्रसार क़ी दिशा में यह एक शुभ संकेत है | ऐसे आयोजन देश के ह़र क्षेत्र के विश्वविध्यालयों को करना चाहिए जिससे ब्लोगिंग जनतंत्र क़ी आवाज के रूप में स्थापित हो सके |

आज दो दिन के संगोष्ठी का पहला दिन था जिसमे ब्लोगिंग के आचार संहिता पर कुलपति महोदय समेत कई ब्लोगर तथा अन्य विद्वानों ने अपनी राय रखी | जिसके आधार पर मैं यह कह सकता हूँ क़ी आचार संहिता सिर्फ आत्म नियंत्रण तथा ब्लोगर द्वारा स्वयं के कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने से ही लागू हो सकता है | वैसे ब्लोगिंग का जनहित तथा जनकल्याण के दिशा में प्रयोग करने से भी ब्लोगिंग को एक नयी दिशा मिल सकती है जिससे हो सकता है क़ी आचार संहिता का स्वतः ही निर्माण होने लगे ...? कुल मिलाकर इस संगोष्ठी का पहला दिन सार्थक बहस के साथ ख़त्म हुआ | मेरी हार्दिक इक्षा है क़ी अगले साल यह विश्वविध्यालय ज्यादा से ज्यादा ब्लोगरों को अपनी संगोष्ठी में आमंत्रित करे जिससे इसका प्रभाव व विस्तार और भी व्यापक हो सके ...



16 comments:

  1. बढ़िया पोस्ट , आभार .

    कृपया सुझाव दें - -
    " किताबों का डिजिटलाइजेशन "

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
    नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

    फ़ुरसत में …बूट पॉलिश!, करते देखिए, “मनोज” पर, मनोज कुमार को!

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  3. बढिया है. आशा करते हैं - इस से सम्बंधित और पोस्ट भी देते रहेंगे.

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  4. पादरी तूने क्या चखा है यह तेरे उत्तर से स्पष्ट हो जायेगा. तेरे पे ज्ञान की आत्मा उतरती हो तो दे इसका जवाब.
    ९९- जो अद्वैत सत्य ईश्वर है.- यो० प० १७, आ० ३
    ( समीक्षक ) जब अद्वैत एक ईश्वर है तो ईसाईयों का तीन कहना सर्वथा मिथ्या है . ॥ ९९ ॥
    इसी प्रकार बहुत ठिकाने इंजील में अन्यथा बातें भरी हैं. सत्यार्थ प्रकाश पृष्ट ४१४, १३वां समुल्लास
    परम विचार - यह देखो ऋषि का चमत्कार. इसे कहते हैं गागर में सागर. यह थोड़े से शब्द तेरी पूरी पोस्ट पे भारी हैं.

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  5. आभार रिपोर्ट का.

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  6. बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है!
    या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
    नवरात्र के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

    मरद उपजाए धान ! तो औरत बड़ी लच्छनमान !!, राजभाषा हिन्दी पर कहानी ऐसे बनी

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  7. Sunder Post
    Aasha hai is Sangosthi ki pura vivran uplabdh karwange aap.....!
    Tab tak intjaar rahega .....!
    Shubhkamnayan

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  8. इस रिपोर्ट के लिये धन्यवाद

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  9. पोस्ट सार्थक अपील करती लगी जय कुमार जी .....मगर पादरी जी तो अपना सरोकार ..चेप गए ...वो भी ट्रिप्लिकेट में ...सो उधर भी ध्यान दीजीएगा ..आयं पादरी जी तो पहले ही तौल चुके हैं ..कुछ भारी हल्का है ..देखिएगा

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  10. आभार रिपोर्ट का

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  11. रिपोर्ट की अच्‍छी शुरूआत। अच्‍छा किया जो किसी का नाम नहीं दिया।

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  12. प्रिय भाई,
    आपकी पोस्ट पढ़कर वर्धा की सारी सुखद घटनाएँ आँखों में तिर गईं.
    आपका
    ऋ.

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  13. There is an article on the blog of Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi Vishwavidyalaya , Wardha ‘ Hindi-Vishwa’ of RajKishore entitled ज्योतिबा फुले का रास्ता ..Article ends with the line.....दलित समाज में भी अब दहेज प्रथा और स्त्रियों पर पारिवारिक नियंत्रण की बुराई शुरू हो गई है…. Ab Rajkishore ji se koi poonche ki kya Rajkishore Chahte hai ki dalit striyan Parivatik Niyantran se Mukt ho kar Sex aur enjoyment ke liye freely available hoon jaisa pahle hota tha..Kya Rajkishore Wardha mein dalit Callgirls ki factory chalana chahte hain… besharmi ki had hai … really he is mentally sick and frustrated ……V N Rai Ke Chinal Culture Ki Jai Ho !!!

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